फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Ravana's character was also identified with acting

अभिनय के साथ पहचान भी बना रावण का किरदार

Mon, 07 Oct 2019 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
Ravana's character was also identified with acting
रावण के परिधान में सजे रामसच्चे दीक्षित। - फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। अस्सी वर्ष की अवस्था को पार कर चुके नगर के मोहल्ला दीक्षितान निवासी रामसच्चे दीक्षित पिछले पांच दशक से लंकाधिपति रावण का किरदार बखूबी निभा रहे हैं। इसमें उनके द्वारा किए जाने वाले जीवंत अभिनय को देखने वाले लोग और बच्चे अब उन्हें रावण उपनाम से ही पुकारने लगे हैं। रावण कहकर पुकारे जाने पर वह बच्चों पर नाराज नहीं होते, वरन उन्हें अपने पास बुलाकर दुलारते हैं।
विज्ञापन

रामसच्चे दीक्षित बताते हैं कि उनके बाबा रामस्वरूप दीक्षित ने पचास वर्ष तक रामलीला में रावण के किरदार का अभिनय किया। बाबा जब शिथिल हो गए तो उन्होंने इस किरदार को निभाने की जिम्मेदारी विरासत स्वरूप में उनको सौंप दी। बाबा रामस्वरूप दीक्षित को वर्ष 1965 में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक डा. जगदीश्वर दयाल अग्निहोत्री व मंत्री राजेंद्र मोहन दुबे द्वारा सम्मानित किया गया था। अब वह पिछले 50 साल से लगातार इस किरदार को बिना किसी रुकावट के निभा रहे हैं। किरदार के प्रति प्रेम कहें या फिर समाज के प्रति जिम्मेदारी, जैसे ही वह रावण की पोशाक पहनते हैं तो उम्र पीछे छूट जाती है और उनमें जोश व उत्साह का संचार स्वत: हो जाता है। रामलीला मैदान में उनके युद्धकौशल को देखकर लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं कि भला इस उम्र में कोई इस तरह से तलवारवाजी कैसे कर सकता है। उनके जोश को देखकर अन्य कलाकार भी उनसे प्रेरणा लेते हैं। पचास वर्ष से रावण का किरदार निभाने के कारण ही लोगों ने उनको रावण उपनाम से बुलाना शुरू कर दिया। इस पर उनको फख्र महसूस होता है। रावण की पोशाक तो उनको रामलीला कमेटी द्वारा उपलब्ध कराई गई है लेकिन तलवार उन्होंने खर्चे से मंगवाई है। अपने शरीर के श्रृंगार पर होने वाला खर्च व खुद ही वहन करते हैं। उनके अलावा रामलीला में अहिरावण का किरदार उनका बेटा प्रभात उर्फ लट्टू व मेघनाद का किरदार उनका पोता सौरभ निभाता है।
विज्ञापन

पौत्र सौरभ को सौपेंगे विरासत
रामसच्चे दीक्षित बताते हैं कि वह 80 वर्ष की उम्र का पड़ाव पार कर चुके हैं। उम्र का असर अब उनके शरीर पर पड़ने लगा है। इसी वर्ष वह अपने पौत्र सौरभ दुबे को रावण का किरदार सौंप देंगे। सौरभ अभी रामलीला में मेघनाद का किरदार निभा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed