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रसूखदार पहुंचे घरों में, गरीबों ने ली मंदिर में शरण
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माधौनगर स्थित आनंदी देवी मंदिर में शरण लिए बाहर से आए लोग।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। माधौनगर में बाहर से आए लोगों के साथ भेदभाव का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदारों के परिजन घरों में पहुंच गए हैं। उन्हें गांव में नहीं घुसने दिया गया। मजबूरी में उन्हें गांव के आनंदी देवी मंदिर में शरण लेनी पड़ी।
26 मार्च को गौरव सैनी, नंदराम श्रीवास्तव, करन सैनी, रंजीत सैनी, रामू सैनी, सुमित सैनी दिल्ली से गांव आए थे। यह सभी गांव के मंदिर में एकांतवास कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके साथ ही गांव के ही कई और युवक थे। यह घर पहुंच गए। इनका चेकअप भी नहीं हुआ। गांव के लोगों सहित प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये से यह आहत हैं।
मेडिकल चेकअप को नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम: कोरोना वायरस के चलते अलग-अलग प्रांतों से आए लोगों को प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर व प्राथमिक विद्यालय चंदरा में बनाए गए क्वारंटीन वार्डों में रोका गया है। प्रधान प्रतिनिधि गौरव दुबे गांव आए आधा सैकड़ा से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था करवा रहे हैं। इनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अभी तक विभाग की टीमें विद्यालयों में नहीं पहुंची हैं। प्रशासन की अनदेखी से गांव के लोगों में दहशत है।
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26 मार्च को गौरव सैनी, नंदराम श्रीवास्तव, करन सैनी, रंजीत सैनी, रामू सैनी, सुमित सैनी दिल्ली से गांव आए थे। यह सभी गांव के मंदिर में एकांतवास कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके साथ ही गांव के ही कई और युवक थे। यह घर पहुंच गए। इनका चेकअप भी नहीं हुआ। गांव के लोगों सहित प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये से यह आहत हैं।
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मेडिकल चेकअप को नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम: कोरोना वायरस के चलते अलग-अलग प्रांतों से आए लोगों को प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर व प्राथमिक विद्यालय चंदरा में बनाए गए क्वारंटीन वार्डों में रोका गया है। प्रधान प्रतिनिधि गौरव दुबे गांव आए आधा सैकड़ा से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था करवा रहे हैं। इनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अभी तक विभाग की टीमें विद्यालयों में नहीं पहुंची हैं। प्रशासन की अनदेखी से गांव के लोगों में दहशत है।
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