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राजस्व परिषद की साइट ने दिया हसेरन को तहसील का दर्जा

Thu, 17 Oct 2019 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2019 12:21 AM IST
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raajasv parishad kee sait ne diya haseran ko tahaseel ka darja
राजस्व परिषद की वेबसाइट पर कन्नौज जिले के आगे कन्नौज, छिबरामऊ और तिर्वा के बाद चौथे नंबर पर दिख रह? - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। राजस्व परिषद ने उस काम को कर दिया, जिसका इंतजार सालों से हसेरन और इससे जुड़े क्षेत्र के लोग कर रहे थे। यानी परिषद ने हसेरन को तहसील का दर्जा देकर इसे अपनी वेबसाइट पर दर्ज कर दिया। वसूली प्रमाणपत्र, खतौनी, साइट मैप, बीमा योजना या अन्य किसी जानकारी के लिए कन्नौज जिले की तहसीलों में जाते हैं तो अब तीन नहीं बल्कि चार तहसीलों के विकल्प खुलकर सामने आते हैं। करीब एक-डेढ़ महीने से वेबसाइट पर हसेरन तहसील भी दिखने से ऐसा हो रहा है। हकीकत जुदा है। जमीन पर अभी कुछ भी नहीं है।
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2013 में सपा सरकार में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कन्नौज में एक कार्यक्रम के दौरान हसेरन को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन के स्तर पर तेजी से काम चालू किया गया। शासनादेश भी जारी हुआ। मामला अंतिम छोर तक पहुंचता इससे पहले ही विवाद शुरू हो गए। विवाद तहसील मुख्यालय के स्थान को लेकर शुरू हुआ। सौरिख और सकरावा के लोगों की मांग थी कि जिस तरह सौरिख ब्लाक का कार्यालय खड़िनी में बना है, उसी तरह हसेरन तहसील का मुख्यालय भी खड़िनी में बने।
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तर्क था कि खड़िनी तहसील क्षेत्र के मध्य में स्थित है। यह सभी के लिए लगभग सामान दूरी पर है। इस मांग का विरोध हसेरन के लोगों ने करना शुरू कर दिया। हसेरन के लोग हसेरन में ही तहसील मुख्यालय बनाए जाने की मांग पर अड़ गए। कई बार मामले को निपटाने का प्रयास हुआ। बात नहीं बनी। इसी दौरान तिर्वा और छिबरामऊ के कुछ अधिवक्ताओं ने मांग उठानी शुरू कर दी कि अगर उनके तहसील क्षेत्र के गांवों को हसेरन में शामिल किया जा रहा है तो दूसरे गांवों को भी उनकी तहसील से जोड़ा जाए। मामला गर्माते देख हसेरन को तहसील बनाने की फाइलों को दबा दिया गया। प्रदेश सरकार ने भी इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। तबसे यह मामला शांत चल रहा था।
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इस मामले में खामोशी बरती जा रही है। इस बीच राजस्व परिषद ने अपनी साइट बीओआर डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर हसेरन को चौथी तहसील का दर्जा दे दिया है। देखना यह होगा कि भौगोलिक और व्यावहारिक स्तर पर इस पर अमल कब शुरू होगा।

योगी सरकार में भी उठ चुका मुद्दा
2017 में सूबे में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद हुईं जिलास्तरीय बैठकों में भी हसेरन तहसील पर चर्चा हुई। जिले के प्रतिनिधियों ने हसेरन तहसील के मुख्यालय का विवाद और वकीलों की तरफ से रखी गईं मांगों का हवाला दिया। इससे हसेरन तहसील बनाने का मामला आगे बढ़ा दिया गया, लेकिन बात चर्चाओं तक सीमित रही।
हसेरन तहसील बनाने को लेकर ऊपरी स्तर पर जरूरी प्रक्रिया चल रही है। संभवत: इसीलिए हसेरन तहसील वेबसाइट पर शो कर रही है।
- रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी।
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