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पुलिस का विजिटिंग कार्ड बनेगा सुरक्षा कवच

Sat, 27 Jul 2019 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2019 12:15 AM IST
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pulis ka vijiting kaard banega suraksha kavach
कन्नौज। जिले में आपराधिक वारदातों की रोकथाम के लिए पुलिस महकमा हर संभव प्रयास कर रहा है। अब अपराध रोकने और लोगाें को जागरूक करने के लिए सभी पुलिस कर्मचारियों के फोटो युक्त विजिटिंग कार्ड दिए जाएंगे। इन कार्डों में पुलिसकर्मी का नाम और पदनाम के साथ ही उनके मोबाइल नंबर, ईमेल, हेल्पलाइन नंबर दर्ज हाेंगे। एसपी से लेकर आईजी तक का मोबाइल नंबर भी होगा। पुलिस अधिकारियों से लेकर कर्मचारी गांव-गांव जाकर इन कार्डों का वितरण करेंगे।
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हत्या, लूट, चोरी होने पर पुलिस की मदद के लिए लोग 100 नंबर डायल करते हैं। कभी-कभी खराब मौसम में जैमिंग और नेटवर्क की कमी से फोन जल्द नहीं लगता है। इस स्थिति से बचने व पुलिस की मदद तत्काल मुहैया कराने के लिए कप्तान अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने जिले में तैनात, सीओ, कोतवाल, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, उप निरीक्षक, बीट सिपाहियों के नाम से करीब 15 हजार विजिटिंग कार्ड छपवाए हैं। इन्हें लोगों को बांटा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस चौकियों के प्रभारियों और सिपाहियों को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अभियान चलाकर कार्ड बांटने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्ड में सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर लिखा है। इसके बाद पुलिस कर्मचारी और अधिकारी का नाम, पद, मोबाइल नंबर दर्ज है। एक कालम में एडीजी, आईजी, एसपी, एएसपी, सीओ के मोबाइल नंबर अंकित हैं। दूसरे कालम में पुलिस की हेल्प लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और फायर 101 डायल लिखा हुआ है।
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विजिटिंग कार्ड में कोतवाली प्रभारी, थाना प्रभारी व आरक्षी की फोटो भी होगी। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पुलिस लोगों को इन कार्डों को बंटेगी। एक पुलिस कर्मी को एक माह में करीब 500 कार्ड बांटने के लिए दिए जाएंगे।
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सोनभद्र कांड से लिया सबक
सोनभद्र में जमीन के विवाद को लेकर हुए संघर्ष के दौरान ग्रामीणों के पास पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर नहीं थे। कुछ व्यक्तियों ने 100 नंबर डायल किया था। तकनीकी खराबी से जल्द फोन नहीं लगा। ऐसी तमाम बातें सामने आने के बाद एसपी ने जिले में विजिटिंग कार्ड बांटने की पहल शुरू की है।

पर्स, मोबाइल कवर में रखें कार्ड
कार्ड बांटने के दौरान पुलिस कर्मी एक रजिस्टर भी साथ रखेंगे। कार्ड देने वाले व्यक्ति का नाम और पता रजिस्टर में दर्ज होगा। विजिटिंग कार्ड को पर्स के फोटो फ्रेम में लगाने के अलावा पारदर्शी मोबाइल के कवर में रखने की अपील की जाएगी। इससे कि जरूरत पड़ने पर पुलिस को फोन किया जा सके।
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