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मांगें न माने जाने पर स्वास्थ्य संविदा कर्मी नाराज
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छिबरामऊ। मांगों न माने जाने पर स्वास्थ्य संविदा कर्मियों ने मंगलवार को चिकित्साधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कहा कि बुधवार से पूूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरना देंगे।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के आह्वान पर सीएचसी में तैनात संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बुधवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरना देने का एलान किया है। मंगलवार को संविदा कर्मियों ने चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर गुप्ता को इस बारे में ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि कोई मानदेय पॉलिसी नहीं है। लगभग 16 साल से काम कर रहे हैं। समान पद और समान योग्यता होने के बाद भी समान मानदेय नहीं मिल रहा है।
हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता व अन्य लाभ मिलना चाहिए। बिहार सरकार की तरह जॉब सिक्योरिटी दी जानी चाहिए। रिक्त पदों पर स्थानांतरण प्रक्रिया को बहाल करते हुए इच्छुक संविदा कर्मचारियों को गैरजनपद स्थानांतरित किया जाए।
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आउट सोर्सिंग प्रक्रिया को समाप्त करते हुए समायोजित किया जाए। ब्लाक अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि 29 नवंबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय लखनऊ का घेराव किया गया था। सार्थक वार्ता न होने पर संगठन के निर्देश पर सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी एक दिसंबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार कर सीएचसी, पीएचसी परिसर में धरना देंगे। इस मौके पर डा. अभिषेक बाजपेई, डा. प्रभात कुमार, डा. विवेक कुमार, अजय कुमार, विकास चतुर्वेदी, राजीव यादव, श्याम कुमार, शबाना, शिवम आदि मौजूद रहे।
कार्य बहिष्कार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का समर्थन
कन्नौज। एनएचएम के संविदा कर्मी और आशा सात सूत्री मांगों को लेकर एक दिसंबर से कार्य बहिष्कार करेंगे। आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दिया है।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.पकज वर्मा ने मंगलवार को बताया कि 25 नवंबर से जिला और ब्लाक में आंदोलन चल रहा था। 29 नवंबर को लखनऊ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय पर घेराव किया गया था। उसी दिन अधिकारियों के साथ वार्ता की गई थी। आश्वासन मिला था, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। एक दिसंबर को आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, पीएचसी और सीएमओ कार्यालय पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। उनके कार्यक्रम को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दिया है। (संवाद)
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के आह्वान पर सीएचसी में तैनात संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बुधवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरना देने का एलान किया है। मंगलवार को संविदा कर्मियों ने चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर गुप्ता को इस बारे में ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि कोई मानदेय पॉलिसी नहीं है। लगभग 16 साल से काम कर रहे हैं। समान पद और समान योग्यता होने के बाद भी समान मानदेय नहीं मिल रहा है।
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हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता व अन्य लाभ मिलना चाहिए। बिहार सरकार की तरह जॉब सिक्योरिटी दी जानी चाहिए। रिक्त पदों पर स्थानांतरण प्रक्रिया को बहाल करते हुए इच्छुक संविदा कर्मचारियों को गैरजनपद स्थानांतरित किया जाए।
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आउट सोर्सिंग प्रक्रिया को समाप्त करते हुए समायोजित किया जाए। ब्लाक अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि 29 नवंबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय लखनऊ का घेराव किया गया था। सार्थक वार्ता न होने पर संगठन के निर्देश पर सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी एक दिसंबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार कर सीएचसी, पीएचसी परिसर में धरना देंगे। इस मौके पर डा. अभिषेक बाजपेई, डा. प्रभात कुमार, डा. विवेक कुमार, अजय कुमार, विकास चतुर्वेदी, राजीव यादव, श्याम कुमार, शबाना, शिवम आदि मौजूद रहे।
कार्य बहिष्कार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का समर्थन
कन्नौज। एनएचएम के संविदा कर्मी और आशा सात सूत्री मांगों को लेकर एक दिसंबर से कार्य बहिष्कार करेंगे। आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दिया है।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.पकज वर्मा ने मंगलवार को बताया कि 25 नवंबर से जिला और ब्लाक में आंदोलन चल रहा था। 29 नवंबर को लखनऊ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय पर घेराव किया गया था। उसी दिन अधिकारियों के साथ वार्ता की गई थी। आश्वासन मिला था, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। एक दिसंबर को आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, पीएचसी और सीएमओ कार्यालय पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। उनके कार्यक्रम को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दिया है। (संवाद)