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Kannauj News: सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन का प्रदर्शन
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कन्नौज। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट केशरीनंदन को सौंपा।
ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाले अंश को तत्काल हटाया जाए। एक जनवरी से पूर्व के सभी पेंशनरों को केंद्रीय आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाते हुए उन्हें पेंशन व अन्य सभी लाभ दिए जाएं। ज्ञापन में कहा गया है कि वेतन आयोग की प्रक्रिया में हो रहे विलंब को देखते हुए पर्याप्त अंतरिम सहायता सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों को स्वीकृत की जाए, ताकि बढ़ती महंगाई में उन्हें राहत मिल सके।
एसोसिएशन ने मांग की है कि केंद्र सरकार के राजपत्र 29 अगस्त 2008 में प्रकाशित निर्णय के अनुसार कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के लिए अलग सीपीआई बनाई जाए। उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ के निर्णय के अनुसार लंबी सेवा अवधि का लंबित वेतन है, वह नॉन-कंट्रीक्यूटरी व अनफंडेड नहीं है, इसलिए पुरानी पेंशन योजना ओपीएस को बहाल किया जाए।
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एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि पेंशन को आयकर से मुक्त रखा जाए। कोरोना काल के 18 महीने के रुके हुए डीए-डीआर के एरियर का भुगतान जल्द किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत की छूट पुनः बहाल की जाए। आयुष्मान भारत योजना में कैशलेस इलाज की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाए। इसके अलावा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन-पेंशन में मर्ज किया जाए और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन किया जाए। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष मयंक कुमार द्विवेदी, राजकुमार, जयकरननाथ मिश्रा, रामकुमार दुबे, भारत सिंह सहित आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाले अंश को तत्काल हटाया जाए। एक जनवरी से पूर्व के सभी पेंशनरों को केंद्रीय आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाते हुए उन्हें पेंशन व अन्य सभी लाभ दिए जाएं। ज्ञापन में कहा गया है कि वेतन आयोग की प्रक्रिया में हो रहे विलंब को देखते हुए पर्याप्त अंतरिम सहायता सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों को स्वीकृत की जाए, ताकि बढ़ती महंगाई में उन्हें राहत मिल सके।
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एसोसिएशन ने मांग की है कि केंद्र सरकार के राजपत्र 29 अगस्त 2008 में प्रकाशित निर्णय के अनुसार कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के लिए अलग सीपीआई बनाई जाए। उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ के निर्णय के अनुसार लंबी सेवा अवधि का लंबित वेतन है, वह नॉन-कंट्रीक्यूटरी व अनफंडेड नहीं है, इसलिए पुरानी पेंशन योजना ओपीएस को बहाल किया जाए।
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एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि पेंशन को आयकर से मुक्त रखा जाए। कोरोना काल के 18 महीने के रुके हुए डीए-डीआर के एरियर का भुगतान जल्द किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत की छूट पुनः बहाल की जाए। आयुष्मान भारत योजना में कैशलेस इलाज की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाए। इसके अलावा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन-पेंशन में मर्ज किया जाए और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन किया जाए। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष मयंक कुमार द्विवेदी, राजकुमार, जयकरननाथ मिश्रा, रामकुमार दुबे, भारत सिंह सहित आदि मौजूद रहे।