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प्रसाद की तरह बांट दिए निजी नलकूपों के कनेक्शन
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बिजली स्टोर में मैटेरियल वितरण की रिपोर्ट तैयार करते एसडीओ विशाल वर्मा व कंप्यूटर ऑपरेटर।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। सब्सिडी पर दिए जाने वाले निजी नलकूपों के कनेक्शन वितरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिजली विभाग ने 300 के लक्ष्य के सापेक्ष 625 कनेक्शन बांट दिए। इन सभी को सब्सिडी का लाभ भी मिल गया। मामले की जानकारी पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के निदेशक ने दोनों अधिशासी अधिकारियों और स्टोर एक्सईएन से रिपोर्ट मांगी है। सब्सिडी पर नलकूप वितरण पर रोक लगा दी गई है। बिजली स्टोर से सामान उठाने पर भी पाबंदी रहेगी।
शासन ने किसानों को सब्सिडी पर निजी नलकूप के कनेक्शन देने के लिए वित्त वर्ष 2019-20 में 300 का लक्ष्य निर्धारित किया था। कन्नौज और छिबरामऊ एक्सईएन कार्यालय से 150-150 कनेक्शनों का वितरण होना था। दोनों कार्यालयों से 625 कनेक्शनों का वितरण कर दिया गया। कनेक्शन लेने वाले प्रत्येक लाभार्थी को 68 हजार की सब्सिडी भी दे दी गई।
इसकी जानकारी पर पावर कारपोरेशन के निदेशक विजय कुमार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को पत्र भेज कर छूट पर दिए जा रहे कनेक्शनों पर रोक लगा दी। किसानों को स्टोर से सामान न देने के निर्देश दिए हैं। शासन से आदेश मिलने के बादबिजली विभाग के अधिकारियों ने कनेक्शन देने पर पाबंदी लगा दी। अब वह किसान परेशान हैं जिन्होंने सब्सिडी पर कनेक्शन लिया है। कई किसान ऐसे हैं जिन्हें लाइन बनाने का सामान तो दे दिया गया, अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं मिला है। इससे अगले आदेश तक इनका कनेक्शन चालू नहीं हो सकेगा।
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निदेशक ने बिजली स्टोर से रिपोर्ट मांगी है कि उनके यहां से कितने कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें से कितनों को लाइन बनाने का सामान दिया गया। इन्हें अभी तक ट्रांसफार्मर मिला या नहीं।
4.25 करोड़ की दी गई सब्सिडी
निजी नलकूप के कनेक्शन लेने वाले 625 लोगों को 68 हजार के हिसाब से कुल 4.25 करोड़ की सब्सिडी दी गई। लक्ष्य के हिसाब से 300 लोगों को सब्सिडी दी जाती तो यह धनराशि दो करोड़ चार लाख होती। आंख मूंद कर कनेक्शन वितरण करने के कारण विभाग को करीब दो करोड़ 21 लाख रुपये सब्सिडी पर ज्यादा खर्च करने पड़े।
शासन से कोई लिखित में आदेश नहीं आया था कि कनेक्शन न दिए जाएं। जब रोक लगाई जाती थी तो निर्देश मिलता रहा कि सब्सिडी पर निजी नलकूप का कनेक्शन दे दिया जाए। लगातार आवेदन आते रहे और कनेक्शन बंटते रहे। अब आदेश आ गया तो कनेक्शन पर रोक लगा दी गई है।
-जीपी यादव, अधीक्षण अभियंता।
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शासन ने किसानों को सब्सिडी पर निजी नलकूप के कनेक्शन देने के लिए वित्त वर्ष 2019-20 में 300 का लक्ष्य निर्धारित किया था। कन्नौज और छिबरामऊ एक्सईएन कार्यालय से 150-150 कनेक्शनों का वितरण होना था। दोनों कार्यालयों से 625 कनेक्शनों का वितरण कर दिया गया। कनेक्शन लेने वाले प्रत्येक लाभार्थी को 68 हजार की सब्सिडी भी दे दी गई।
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इसकी जानकारी पर पावर कारपोरेशन के निदेशक विजय कुमार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को पत्र भेज कर छूट पर दिए जा रहे कनेक्शनों पर रोक लगा दी। किसानों को स्टोर से सामान न देने के निर्देश दिए हैं। शासन से आदेश मिलने के बादबिजली विभाग के अधिकारियों ने कनेक्शन देने पर पाबंदी लगा दी। अब वह किसान परेशान हैं जिन्होंने सब्सिडी पर कनेक्शन लिया है। कई किसान ऐसे हैं जिन्हें लाइन बनाने का सामान तो दे दिया गया, अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं मिला है। इससे अगले आदेश तक इनका कनेक्शन चालू नहीं हो सकेगा।
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निदेशक ने बिजली स्टोर से रिपोर्ट मांगी है कि उनके यहां से कितने कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें से कितनों को लाइन बनाने का सामान दिया गया। इन्हें अभी तक ट्रांसफार्मर मिला या नहीं।
4.25 करोड़ की दी गई सब्सिडी
निजी नलकूप के कनेक्शन लेने वाले 625 लोगों को 68 हजार के हिसाब से कुल 4.25 करोड़ की सब्सिडी दी गई। लक्ष्य के हिसाब से 300 लोगों को सब्सिडी दी जाती तो यह धनराशि दो करोड़ चार लाख होती। आंख मूंद कर कनेक्शन वितरण करने के कारण विभाग को करीब दो करोड़ 21 लाख रुपये सब्सिडी पर ज्यादा खर्च करने पड़े।
शासन से कोई लिखित में आदेश नहीं आया था कि कनेक्शन न दिए जाएं। जब रोक लगाई जाती थी तो निर्देश मिलता रहा कि सब्सिडी पर निजी नलकूप का कनेक्शन दे दिया जाए। लगातार आवेदन आते रहे और कनेक्शन बंटते रहे। अब आदेश आ गया तो कनेक्शन पर रोक लगा दी गई है।
-जीपी यादव, अधीक्षण अभियंता।