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Kannauj News: 15 हजार की आबादी, 1765 गरीब लेकिन गांव गरीबी मुक्त
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फोटो :31: सकरावा गांव में झोपड़ी के बाहर खड़ी पूजा दिवाकर। संवाद
- फोटो : टोल पर आमने सामने की भिडंत में क्षतिग्रस्त हुई कार और बाइक
सौरिख (कन्नौज)। गांव में 15 हजार की आबादी में 618 मजदूर पंजीकृत हैं जबकि 97 अंत्योदय कार्डधारक हैं। एक हजार से अधिक लोग बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। कई लोगों के पास मकान नहीं हैं फिर भी पंचायती राज विभाग ने एक्सपोजर विजिट रिपोर्ट में गांव को गरीबी मुक्त घोषित कर दिया गया। प्रधान और सचिव को केरल व कर्नाटक की सैर कराने की तैयारी कर ली गई है लेकिन विभाग खुद नहीं बता पा रहा है कि गांव को किस आधार पर गरीबी मुक्त घोषित किया गया है।
पंचायती राज विभाग ने सौरिख ब्लॉक के गांव सकरावा को एक्सपोजर विजिट रिपोर्ट में गरीबी मुक्त घोषित किया है। गांव की आबादी करीब 15 हजार है जिसमें 7,700 मतदाता हैं। मनरेगा और पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक गांव में 1765 मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 618 जॉबकार्ड धारक हैं तो 97 परिवारों के पास अंत्योदय कार्ड है। गांव में करीब एक हजार लोग बाहर अन्य शहरों में रहकर मजदूरी कर रहे हैं। कई मजदूर तो ऐसे हैं जो झोपड़ी में रहकर गुजर-बसर करते हैं। इनके पास पक्की छत नहीं हैं।
बड़ी आबादी के चलते सकरावा में दो राशन कार्ड की दुकान हैं। एक दुकान के कोटेदार दिलीप दुबे ने बताया कि उनकी राशन कार्ड दुकान में 1109 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं जिसमें 59 अंत्योदय कार्ड हैं जो राशन ले रहे हैं। वहीं दूसरे कोटेदार ताहिर अली ने बताया कि उनके यहां 643 पात्र गृहस्थी कार्ड बने हैं जिसमें से 38 अंत्योदय कार्ड बने हुए हैं। दोनों राशन की दुकान पर 97 लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं जो अभी भी मुफ्त राशन लेकर जीवन-यापन कर रहे हैं। रोजगार सेवक घसीटेराम ने बताया कि ग्राम पंचायत में 618 मनरेगा जॉब कार्डधारक मजदूर हैं जिनकी आय का जरिया केवल मजदूरी ही है।
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मिर्च-मसाला और दवाई के लिए भी पैसे नहीं
गांव की पूजा दिवाकर ने बताया कि वह भी पति गोलू के साथ मजदूरी करती है। एक महीने में परिवार का खर्च बमुश्किल चल पाता है। काम न मिलने पर घर में मिर्च-मसाला और दवा लेने के लिए भी पैसे नहीं रहते हैं। लोगों से उधार लेकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं खाने-पीने का ही पैसा आता है और चला जाता है। वह मकान नहीं बनवा सके इसलिए आज भी घास-फूस के बने बंगले में रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं।
दूसरे के मकान में कट रही पूस की रात
सकरावा के ही रहने वाले नीरज वाल्मीकि की पत्नी मधु ने बताया कि इसी साल बरसात में मकान की कच्ची छत गिर गई थी जिसमें दो बच्चों समेत मेरे पति दब गए थे। बड़ी मुश्किल से मिट्टी से निकल कर अपनी जान बचाई थी। अब दूसरे के मकान में पूस की रात कट रही है। गरीबी के चलते अभी तक अपना मकान सही नहीं करवा पाया है। पति गांव में ही मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है।
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गांव में नहीं किया गया कोई सर्वे : प्रधान
सकरावा गांव की प्रधान गिरिजा देवी शाक्य ने बताया कि गांव में कोई सर्वे नहीं किया गया। किस आधार पर उनके गांव को गरीबी मुक्त घोषित किया गया, इसकी उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है। अपने कार्यकाल में 224 लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन किया था जिसमें से 150 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। उन्हें केवल यह बताया गया कि रिपोर्ट चली जाएगी तो कर्नाटक और केरल के गांव घुमाए जाएंगे।
नौ थीम में किया गया चयन : डीपीआरओ
जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि एक्सपोजर विजिट के लिए शासन ने नौ थीमें बनाई थीं जिनमें स्वच्छ गांव, गरीबी मुक्त गांव, प्रदूषण मुक्त गांव सहित कई श्रेणी में चयन किया जाना था। सकरावा गांव को गरीबी मुक्त की थीम में रखकर प्रधान व सचिव को केरल व कर्नाटक के गांव दिखाए जाएंगे और उनके आधार पर गांव का विकास होगा। विजिट के बाद गरीबी मुक्त गांव पर काम कराया जाएगा।
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पंचायती राज विभाग ने सौरिख ब्लॉक के गांव सकरावा को एक्सपोजर विजिट रिपोर्ट में गरीबी मुक्त घोषित किया है। गांव की आबादी करीब 15 हजार है जिसमें 7,700 मतदाता हैं। मनरेगा और पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक गांव में 1765 मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 618 जॉबकार्ड धारक हैं तो 97 परिवारों के पास अंत्योदय कार्ड है। गांव में करीब एक हजार लोग बाहर अन्य शहरों में रहकर मजदूरी कर रहे हैं। कई मजदूर तो ऐसे हैं जो झोपड़ी में रहकर गुजर-बसर करते हैं। इनके पास पक्की छत नहीं हैं।
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बड़ी आबादी के चलते सकरावा में दो राशन कार्ड की दुकान हैं। एक दुकान के कोटेदार दिलीप दुबे ने बताया कि उनकी राशन कार्ड दुकान में 1109 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं जिसमें 59 अंत्योदय कार्ड हैं जो राशन ले रहे हैं। वहीं दूसरे कोटेदार ताहिर अली ने बताया कि उनके यहां 643 पात्र गृहस्थी कार्ड बने हैं जिसमें से 38 अंत्योदय कार्ड बने हुए हैं। दोनों राशन की दुकान पर 97 लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं जो अभी भी मुफ्त राशन लेकर जीवन-यापन कर रहे हैं। रोजगार सेवक घसीटेराम ने बताया कि ग्राम पंचायत में 618 मनरेगा जॉब कार्डधारक मजदूर हैं जिनकी आय का जरिया केवल मजदूरी ही है।
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मिर्च-मसाला और दवाई के लिए भी पैसे नहीं
गांव की पूजा दिवाकर ने बताया कि वह भी पति गोलू के साथ मजदूरी करती है। एक महीने में परिवार का खर्च बमुश्किल चल पाता है। काम न मिलने पर घर में मिर्च-मसाला और दवा लेने के लिए भी पैसे नहीं रहते हैं। लोगों से उधार लेकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं खाने-पीने का ही पैसा आता है और चला जाता है। वह मकान नहीं बनवा सके इसलिए आज भी घास-फूस के बने बंगले में रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं।
दूसरे के मकान में कट रही पूस की रात
सकरावा के ही रहने वाले नीरज वाल्मीकि की पत्नी मधु ने बताया कि इसी साल बरसात में मकान की कच्ची छत गिर गई थी जिसमें दो बच्चों समेत मेरे पति दब गए थे। बड़ी मुश्किल से मिट्टी से निकल कर अपनी जान बचाई थी। अब दूसरे के मकान में पूस की रात कट रही है। गरीबी के चलते अभी तक अपना मकान सही नहीं करवा पाया है। पति गांव में ही मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है।
गांव में नहीं किया गया कोई सर्वे : प्रधान
सकरावा गांव की प्रधान गिरिजा देवी शाक्य ने बताया कि गांव में कोई सर्वे नहीं किया गया। किस आधार पर उनके गांव को गरीबी मुक्त घोषित किया गया, इसकी उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है। अपने कार्यकाल में 224 लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन किया था जिसमें से 150 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। उन्हें केवल यह बताया गया कि रिपोर्ट चली जाएगी तो कर्नाटक और केरल के गांव घुमाए जाएंगे।
नौ थीम में किया गया चयन : डीपीआरओ
जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि एक्सपोजर विजिट के लिए शासन ने नौ थीमें बनाई थीं जिनमें स्वच्छ गांव, गरीबी मुक्त गांव, प्रदूषण मुक्त गांव सहित कई श्रेणी में चयन किया जाना था। सकरावा गांव को गरीबी मुक्त की थीम में रखकर प्रधान व सचिव को केरल व कर्नाटक के गांव दिखाए जाएंगे और उनके आधार पर गांव का विकास होगा। विजिट के बाद गरीबी मुक्त गांव पर काम कराया जाएगा।

फोटो :31: सकरावा गांव में झोपड़ी के बाहर खड़ी पूजा दिवाकर। संवाद- फोटो : टोल पर आमने सामने की भिडंत में क्षतिग्रस्त हुई कार और बाइक