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आजमाइश का अखाड़ा बना तिर्वा, उम्मीदवारों की लंबी फौज

Wed, 12 Jan 2022 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 11:30 PM IST
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कन्नौज। सियासी हलकों में जिले की तिर्वा विधानसभा सीट की चर्चाएं तेज हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए यहां एक अनार सौ बीमार की स्थिति बनी है। जिला पंचायत सदस्य से लेकर पार्टी के पदाधिकारियों तक की दावेदारी है। कोई जातीय समीकरण तो कोई क्षेत्र में मजबूत पकड़ के साथ विकास कार्यों के बल पर टिकट की मांग कर रहा है।
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जिले की तिर्वा विधानसभा सीट लोधी और यादव बाहुल्य है। इससे हर बार यहां सपा और भाजपा उम्मीदवार के बीच रोमांचकारी मुकाबला होता है। यह सीट आजतक किसी भी दल का गढ़ साबित नहीं हो सकी है। परिवर्तन परंपरा बनी हुई है। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने परचम लहराया था। भाजपा के उम्मीदवार कैलाश सिंह राजपूत ने सपा के विजय बहादुर पाल को 24209 वोट से हराया था।
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वहीं बसपा के विजय सिंह 32036 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। सीट पर पहला विधानसभा चुनाव 1962 में हुआ था। उस समय 1962 से 1967 तक प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के होरीलाल विधायक रहे। 1969 में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रामरतन पांडेय जीत हासिल की। 1974 में जनसंघ पार्टी से धर्मपाल ने जीत हासिल की। 1977 में जेएनपी से रामबक्श वर्मा, 1980 में कांग्रेस से कुंवर योगेंद्र सिंह, 1985 में जनता दल से रामनंदनी वर्मा ने जीत हासिल की थी।
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वर्ष 1991 से 1993 तक जनता पार्टी व सपा से अरविंद प्रताप सिंह विधायक रहे थे। इसके बाद 1996 में इस सीट पर बीजेपी के कैलाश राजपूत ने जीत हासिल की थी। 2002 में सपा से विजय बहादुर पाल ने चुनाव जीता था। 2007 में कैलाश राजपूत बसपा से चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। 2012 में सपा के विजय बहादुर पाल ने बसपा प्रत्याशी कैलाश राजपूत को हराकर दोबारा जीत दर्ज की। इसके बाद 2012 विजय बहादुर पाल ने सपा से फिर जीत हासिल की और प्रदेश के शिक्षा मंत्री बने। 2017 में भाजपा से टिकट पाकर कैलाश राजपूत ने विजय बहादुर पाल को पराजित कर दिया था।
मौजूदा समय इस सीट से सपा और भाजपा के कई नेता टिकट मांग रहे हैं। सपा के पूर्व उम्मीदवार और मंत्री रहे विजय बहादुर पाल का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उन्होंने दावेदारी से मना करते हुए बेटे अनिल पाल को टिकट देने की पैरवी की है।

2017 विधानसभा चुनाव का परिणाम
प्रत्याशी पार्टी वोट वोट (प्रतिशत)
1- कैलाश सिंह भाजपा 100426 46.71
2- विजय बहादुर सपा 76217 35.45
3- विजय सिंह बसपा 32036 14.90
जीत का अंतर- 24209
2012 विधानसभा चुनाव का परिणाम
प्रत्याशी पार्टी वोट वोट (प्रतिशत)
1- विजय बहादुर सपा 78391 41.90
2- कैलाश सिंह बसपा 45899 24.54
3- आलोक वर्मा भाजपा 32302 17.27
4 - दिगम्बर सिंह कांग्रेस 12277 6.57
जीत का अंतर- 32492
तिर्वा विधानसभा सीट पर कुल मतदाता तीन लाख 79 हजार 172 मतदाता हैं। इसमें सबसे अधिक लोधी करीब 85 हजार मतदाता हैं। 72 हजार के करीब यादव मतदाता और 40 हजार के आसपास पाल मतदाता है। जिस उम्मीदवार की तरफ लोधी मतदाताओं का रुझान होता है उसी की जीत पक्की मानी जाती है।
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