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फिटनेस है नहीं, डाला खोलकर रफ्तार भर रहे टेंपो

Mon, 29 Jul 2019 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2019 11:54 PM IST
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phitanes hai nahin, daala kholakar raphtaar bhar rahe tempo
कन्नौज। जिले में संचालित 2629 टेंपो-ऑटो में से तकरीबन आधे बिना फिटनेस के सड़कों पर रफ्तार भर रहे हैं। उपसंभागीय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की जेब गरम हो रही है, इसी से कार्रवाई में लापरवाही हो रही है। टेंपो चालक डाला खोलकर सवारियां लटका कर रफ्तार भर रहे हैं। इससे सवारियों की जिंदगी खतरे में बनी रहती है।
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जिले के करीब चार लाख लोग टेंपो-ऑटो के सहारे हैं। परिवहन विभाग ऑटो में चार और टेंपो में सात सवारियां बैठाने का परमिट देता है। टेंपो-ऑटो चालक मानक से कहीं ज्यादा सवारियां ला-ले जा रहे हैं। इनके लिए नियम और कानून सब बेकार हैं। टेंपो-ऑटो की फिटनेस कई सालों से नहीं कराई गई है। इसके बाद भी यह सड़काें पर दौड़ रहे हैं। उपसहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संजय समय का रोना रोकर इनकी चेकिंग न कर पाने की बात कहते हैं। यातायात पुलिस नियमों की धज्जियां उड़ाकर चलने वाले टेंपो और ऑटो चालकों को देखकर आंखें मूंद लेती है।
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जिला मुख्यालय के अलावा ठठिया, तिर्वा, गुरसहायगंज, तालग्राम, छिबरामऊ, सौरिख समेत अधिकतर कस्बों में इस तरह के टेंपो-ऑटो चल रहे हैं। पूरे जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन होने के बाद भी यातायात पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। शासन से अवैध टेंपो व अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नए नियमों के तहत जुर्माना भी अधिक कर दिया गया है। इसके बाद भी न तो चालान किए जा रहे, न ही जुर्माना वसूला जा रहा है। यहां गैरजनपदों के भी टेंपो बिना परमिट व फिटनेस के चल रहे हैं। इनकी गिनती नहीं की जा रही है। इनमें कानपुर नगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, औरैया जनपदों के टेंपो शामिल हैं। बिना अनुमति के यह जिले में सवारी बैठा रहे हैं। एआरटीओ से लेकर यातायात पुलिस तक इन पर कार्रवाई करने से बचती है।
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सड़क सुरक्षा सप्ताह पर दी गई थी ई-चालान मशीन
शासन से यातायात पुलिस को भी अवैध व यातायात नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान यातायात बूथ पर पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद ने ई-चालान मशीन यातायात निरीक्षक को सौंपी थी। निर्देश दिए गए थे कि अब वह भी एआरटीओ की तरह ऑनलाइन चालान सारथी साफ्टवेयर पर काट सकेंगे। ई-चालान मशीन लेने के बाद भी नियमों का उल्लंघन कर फर्राटा भर रहे टेंपो के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
चेकिंग हुई तो अधिक कर देते किराया
जिला मुख्यालय पर टेंपो संचालकों की मनमानी सिर चढ़कर बोलती है। तिर्वा मार्ग हो या जीटी रोड, कभी भी एआरटीओ की चेकिंग लगती है तो अधिकतर टेंपो बंद हो जाते हैं। चेकिंग हटने के बाद कुछ टेंपो तिर्वा का किराया बीस से तीस रुपये लेते हैं। मार्ग पर कोई साधन न होने से मजबूरी में लोग दोगुना किराया देकर सफर करते हैं। अरौल जाने वाले टेंपो चालक भी मनमानी करते हैं। अरौल से सरायमीरा के बीच चलने वाले टेंपो चालक भी मनमाना किराया वसूलते हैं। मानीमऊ से जिला अस्पताल व गंागूपुर का किराया दस रुपये वसूल किया जाता है। जिला अस्पताल से सरायमीरा के पांच रुपये लिए जाते हैं। इसको लेकर सवारियों से अक्सर कहासुनी होती रहती है।

ओवरलोडिंग करने पर भी कार्रवाई होगी
जिले में ओवरलोडिंग करने वाले टेंपो-ऑटो के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। यातायात नियमों की अवहेलना करने पर कई के चालान काटे जा चुके हैं। इनसे जुर्माने के तौर पर हजारों रुपये राजस्व वसूल किया जा चुका है। टेंपो-ऑटो का डाला खोलकर चलने व अतिरिक्त सीट लगाकर ओवरलोडिंग करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार झा, एआरटीओ
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