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पूतना वध देख लोग रोमांचित
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 17 Nov 2015 11:58 PM IST
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कृष्ण जन्मोत्सव के बाद पूतना वध और भगवान शंकर की
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योगहठ की लीला का मंचन देख लोग रोमांचित हो उठे। रासलीला के कलाकारों ने
बधाई गीत पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मां नवदुर्गा समिति की ओर से नगर के शांति निकेतन विद्यापीठ जूनियर हाईस्कूल परिसर में चल रही वृंदावन धाम की रासलीला में कृष्ण जन्मोत्सव के बाद मथुरा के राजा कंस द्वारा अपनी बहन पूतना को बाल स्वरूप कृष्ण के वध के लिए नंद गांव भेजना, वहां भगवान कृष्ण द्वारा पूतना का वध करने की लीला को देख लोग रोमांचित हो उठे।
इस दौरान कलाकारों द्वारा बधाई गीत भी पेश किए गए। पूतना वध के बाद भगवान शंकर द्वारा बाल स्वरूप कृष्ण के दर्शन की हठ की लीला और मइया यशोदा से दर्शन को लेकर हुए संवाद और योगीहठ की प्रस्तुतीकरण को भी लोगों ने काफी सराहा। अंत में आरती के साथ लीला का समापन हुआ।
इस मौके पर अध्यक्ष राजीव दुबे, रामानंद वर्मा, श्रवण तोमर, सुरेश पेंटर, नरेश वर्मा, सुभाष दुबे, करुणा शंकर गुप्ता, नेमीचंद्र राठौर, दिलीप गुप्ता, आनंद गुप्ता, भाष्कर चतुर्वेदी, शोभा दुबे, संध्या त्रिपाठी, कमलेश बाजपेई, यती देवी आदि मौजूद थे। वृंदावन धाम से आए स्वामी अवधेश शर्मा ने सभी लीलाओं के सार को विस्तार पूर्वक पेश किया।
मां नवदुर्गा समिति की ओर से नगर के शांति निकेतन विद्यापीठ जूनियर हाईस्कूल परिसर में चल रही वृंदावन धाम की रासलीला में कृष्ण जन्मोत्सव के बाद मथुरा के राजा कंस द्वारा अपनी बहन पूतना को बाल स्वरूप कृष्ण के वध के लिए नंद गांव भेजना, वहां भगवान कृष्ण द्वारा पूतना का वध करने की लीला को देख लोग रोमांचित हो उठे।
इस दौरान कलाकारों द्वारा बधाई गीत भी पेश किए गए। पूतना वध के बाद भगवान शंकर द्वारा बाल स्वरूप कृष्ण के दर्शन की हठ की लीला और मइया यशोदा से दर्शन को लेकर हुए संवाद और योगीहठ की प्रस्तुतीकरण को भी लोगों ने काफी सराहा। अंत में आरती के साथ लीला का समापन हुआ।
इस मौके पर अध्यक्ष राजीव दुबे, रामानंद वर्मा, श्रवण तोमर, सुरेश पेंटर, नरेश वर्मा, सुभाष दुबे, करुणा शंकर गुप्ता, नेमीचंद्र राठौर, दिलीप गुप्ता, आनंद गुप्ता, भाष्कर चतुर्वेदी, शोभा दुबे, संध्या त्रिपाठी, कमलेश बाजपेई, यती देवी आदि मौजूद थे। वृंदावन धाम से आए स्वामी अवधेश शर्मा ने सभी लीलाओं के सार को विस्तार पूर्वक पेश किया।