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शांति भंग करने वालों पर लगेगी रासुका
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जनप्रतिधियों व सभ्रांत लोगों की बैठक लेते आयुक्त, आईजी व डीएम।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। अयोध्या फैसले को लेकर आयुक्त सुधीर एम बोबड़े और आईजी मोहित अग्रवाल कानपुर जोन ने जिले का दौरा किया। डीएम और एसपी से सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर की तैयारियों के बारे में पूछताछ की। इस मौके पर कमिश्नर ने कहा कि शांति भंग करनेवालों पर रासुका लगेगी। इसके बाद कलक्ट्रेट में जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत लोगों की बैठक ली।
बैठक में आयुक्त सुधीर एम बोबड़े ने कलक्ट्रेट सभागार में कानून एंव शांति व्यवस्था के बारे में जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत लोगों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि पर आने वाले फैसले को सभी जाति, धर्म के लोगों का स्वीकार करना होगा। सोशल मीडिया व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर पर भ्रामक-आपत्तिजनक मैसेज, वीडियो, पोस्ट करने पर रासुका लगेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्य न्यायालय के निर्णय के संबंध में अगर किसी व्यक्ति विशेष को आपत्ति है तो वह शांति व्यवस्था बनाये रखते हुए याचिका दायर कर सकता है।
वहीं, अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले से पहले प्रशासन ने सुरक्षा का मजबूत खाका तैयार किया है। पूरे जिले को तीन जोन में बांटा गया है। इसमें 54 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। नौ सेक्टर मजिस्ट्रेट रिजर्व में रहेंगे। प्रत्येक मजिस्ट्रेट के साथ एक दरोगा और चार पुलिसकर्मी 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होंगे। इसके अलावा पिकेट के पास दोनों समुदाय के 10-10 वरिष्ठ लोग भी पुलिस टीम के साथ रहेंगे। कलक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम से पल-पल की गतिविधियों की अधिकारी निगरानी करेंगे।
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अयोध्या मामले को लेकर डीएम रवींद्र कुमार और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने जिले को तीन जोन और 54 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे जिले में गश्त के लिए 15 मोबाइल टीमों को आधुनिक असलहों के साथ उतार दिया गया है। इसके अलावा तीन पुलिस टीमों को प्रत्येक जोन में अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है। डायल 112 के रूट चार्ज का डायवर्जन कर संवेदनशील इलाकों में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पांच स्थानों पर अग्निशमन टीम को भी मुस्तैद कर दिया गया है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि फैसले को लेकर पुलिस महकमा अलर्ट है। सुरक्षा-व्यवस्था लेकर मुकम्मल तैयारियां की गई है। किसी भी तरह शांति व्यवस्था में दखल देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम रवींद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई जुलूस निकालते या नारे लगाते मिले उसे तुरंत गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कंट्रोल रूम भी खोला गया है, जिसके नोडल अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पीसी श्रीवास्तव होंगे। डीएम रवींद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों की प्रतिदिन की रिपोर्ट संबंधित उपजिलाधिकारी एवं कंट्रोल रूम में दो बजे तक हरहाल में प्रस्तुत करेंगे। जिले में कई बार मामूली बात पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ चुका है। ऐसे 101 गांव और मोहल्लों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। वहां पर दोनों समुदाय के लोगों की संयुक्त बैठक कराई जा रही है। साथ ही वहां पर अतिरिक्त फोर्स भी लगाया गया है। असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर कई लोगों को पुलिस ने जेल भेजने की तैयारी की है।
पुलिस बवालियों को कोई भी मौका देना नहीं चाहती है। जिस मकान की छत पर पत्थर या ईंट भारी संख्या में मिलेंगे, उसके स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शहर के चिरैयागंज, लाखन तिराह, अहमदी टोला में कुछ लोगों की छतों पर पर पुलिसकर्मियों को रूफ टावर की ड्यूटी पर तैनात कर छतों की निगरानी की जाएगी। सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के लिए शहर, गांव, मस्जिद, मदरसा और थानों में 180 शांति कमेटी की बैठक हो चकी है। 280 बैठक कराई जा चुकी हैं। जबकि पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 75 फ्लैग मार्च किए जा चुके हैं। एएसपी विनोद कुमार ने बैठक और प्रतिदिन फ्लैग मार्च करने के निर्देश दिए हैं। जिससे जनता को सुरक्षा का एहसास हो सके।
अधिकांश विभागों के अधिकारियों को मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किया है। इससे कई काम भी प्रभावित हाेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने 20 नवंबर तक अधिकारियों और पुलिस अफसरों को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। स्थिति के आधार पर सुरक्षा प्लान में फेरबदल भी किया जा सकता। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा है कि मस्जिद, इमामबाड़ा, दरगाहों, मजारों और कब्रिस्तानों में सिर्फ पूर्व से निर्धारित नमाज व आयोजन किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की अन्य तकरीरें, धरना-प्रदर्शन न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राम जन्म भूमि फैसले को लेकर मस्जिदों में सिर्फ नमाज की जाए। मस्जिद के हार्न भी नमाज के लिए ही बजेंगे।
कोर्ट के फैसले के बाद सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े, इसके लिए पुलिस ने एक साल में सोशल साइट्स पर अभद्र टिप्पणी के सभी मुकदमों को रि-ओपन कर दिया गया है। ऐसे मामलों में आरोपियों को थाने बुलाकर सख्त हिदायत दी जा रही है, जिससे ऐसे लोग अयोध्या निर्णय आने पर सोशल साइट्स पर कोई भी भद्दा कमेंट न कर सकें, जिससे माहौल खराब न हो।
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बैठक में आयुक्त सुधीर एम बोबड़े ने कलक्ट्रेट सभागार में कानून एंव शांति व्यवस्था के बारे में जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत लोगों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि पर आने वाले फैसले को सभी जाति, धर्म के लोगों का स्वीकार करना होगा। सोशल मीडिया व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर पर भ्रामक-आपत्तिजनक मैसेज, वीडियो, पोस्ट करने पर रासुका लगेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्य न्यायालय के निर्णय के संबंध में अगर किसी व्यक्ति विशेष को आपत्ति है तो वह शांति व्यवस्था बनाये रखते हुए याचिका दायर कर सकता है।
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वहीं, अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले से पहले प्रशासन ने सुरक्षा का मजबूत खाका तैयार किया है। पूरे जिले को तीन जोन में बांटा गया है। इसमें 54 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। नौ सेक्टर मजिस्ट्रेट रिजर्व में रहेंगे। प्रत्येक मजिस्ट्रेट के साथ एक दरोगा और चार पुलिसकर्मी 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होंगे। इसके अलावा पिकेट के पास दोनों समुदाय के 10-10 वरिष्ठ लोग भी पुलिस टीम के साथ रहेंगे। कलक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम से पल-पल की गतिविधियों की अधिकारी निगरानी करेंगे।
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अयोध्या मामले को लेकर डीएम रवींद्र कुमार और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने जिले को तीन जोन और 54 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे जिले में गश्त के लिए 15 मोबाइल टीमों को आधुनिक असलहों के साथ उतार दिया गया है। इसके अलावा तीन पुलिस टीमों को प्रत्येक जोन में अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है। डायल 112 के रूट चार्ज का डायवर्जन कर संवेदनशील इलाकों में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पांच स्थानों पर अग्निशमन टीम को भी मुस्तैद कर दिया गया है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि फैसले को लेकर पुलिस महकमा अलर्ट है। सुरक्षा-व्यवस्था लेकर मुकम्मल तैयारियां की गई है। किसी भी तरह शांति व्यवस्था में दखल देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम रवींद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई जुलूस निकालते या नारे लगाते मिले उसे तुरंत गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कंट्रोल रूम भी खोला गया है, जिसके नोडल अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पीसी श्रीवास्तव होंगे। डीएम रवींद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों की प्रतिदिन की रिपोर्ट संबंधित उपजिलाधिकारी एवं कंट्रोल रूम में दो बजे तक हरहाल में प्रस्तुत करेंगे। जिले में कई बार मामूली बात पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ चुका है। ऐसे 101 गांव और मोहल्लों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। वहां पर दोनों समुदाय के लोगों की संयुक्त बैठक कराई जा रही है। साथ ही वहां पर अतिरिक्त फोर्स भी लगाया गया है। असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर कई लोगों को पुलिस ने जेल भेजने की तैयारी की है।
पुलिस बवालियों को कोई भी मौका देना नहीं चाहती है। जिस मकान की छत पर पत्थर या ईंट भारी संख्या में मिलेंगे, उसके स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शहर के चिरैयागंज, लाखन तिराह, अहमदी टोला में कुछ लोगों की छतों पर पर पुलिसकर्मियों को रूफ टावर की ड्यूटी पर तैनात कर छतों की निगरानी की जाएगी। सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के लिए शहर, गांव, मस्जिद, मदरसा और थानों में 180 शांति कमेटी की बैठक हो चकी है। 280 बैठक कराई जा चुकी हैं। जबकि पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 75 फ्लैग मार्च किए जा चुके हैं। एएसपी विनोद कुमार ने बैठक और प्रतिदिन फ्लैग मार्च करने के निर्देश दिए हैं। जिससे जनता को सुरक्षा का एहसास हो सके।
अधिकांश विभागों के अधिकारियों को मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किया है। इससे कई काम भी प्रभावित हाेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने 20 नवंबर तक अधिकारियों और पुलिस अफसरों को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। स्थिति के आधार पर सुरक्षा प्लान में फेरबदल भी किया जा सकता। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा है कि मस्जिद, इमामबाड़ा, दरगाहों, मजारों और कब्रिस्तानों में सिर्फ पूर्व से निर्धारित नमाज व आयोजन किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की अन्य तकरीरें, धरना-प्रदर्शन न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राम जन्म भूमि फैसले को लेकर मस्जिदों में सिर्फ नमाज की जाए। मस्जिद के हार्न भी नमाज के लिए ही बजेंगे।
कोर्ट के फैसले के बाद सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े, इसके लिए पुलिस ने एक साल में सोशल साइट्स पर अभद्र टिप्पणी के सभी मुकदमों को रि-ओपन कर दिया गया है। ऐसे मामलों में आरोपियों को थाने बुलाकर सख्त हिदायत दी जा रही है, जिससे ऐसे लोग अयोध्या निर्णय आने पर सोशल साइट्स पर कोई भी भद्दा कमेंट न कर सकें, जिससे माहौल खराब न हो।