फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Patients in government hospitals were being given substandard medicines.

Kannauj News: सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही थीं मानकविहीन दवा

Sat, 01 Nov 2025 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
Patients in government hospitals were being given substandard medicines.
कन्नौज। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवा भी जांच में मानकाें पर खरी नहीं उतरी। औषधि विभाग ने जब दवा की जांच कराई तो वह फेल हो गई। अब उसके वितरण पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में आपूर्ति व निर्माता फर्म से शुक्रवार को जवाब-तलब किया गया है। औषधि निरीक्षक ने इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन

गुरसहायगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औषधि निरीक्षक डॉ. परमेश कुमार द्विवेदी की टीम को एक दवा मानकविहीन मिली है। तीन माह पहले औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने सेरेसियोपेप्टाइजेज आइपी टैबलेट का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा था। यह दवा दर्द और सूजन को कम करने में दी जाती है। तब औषधि निरीक्षक ने रिपोर्ट आने तक इस दवा के वितरण पर रोक लगाने के निर्देश भी स्वास्थ्य महकमे को दिए थे। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि यह दवा गुणवत्ता और मानक पर खरी नहीं उतरी।
विज्ञापन

रिपोर्ट के अनुसार, दवा डिसइंट्रीगेशन टेस्ट यानी घुलने की प्रक्रिया में फेल हो गई। सामान्य तौर पर जितने समय में दवा को शरीर में घुलकर असर दिखाना चाहिए। उससे कहीं अधिक समय यह दवा लेती है। ऐसे में इसका प्रभाव काफी कम हो जाता है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि दवा के अपेक्षित परिणाम न मिलने पर कई बार मरीज लाभ की उम्मीद में ओवरडोज लेने की गलती कर बैठते हैं। इससे दवा नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी गई है और सभी सरकारी अस्पतालों को इसे न देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। औषधि निरीक्षक डॉ. परमेश कुमार द्विवेदी का कहना है कि गुरसहायगंज सीएचसी में मानक विहीन दवा मिलने के बाद 10 दवा के भी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, तब तक इन दवाइयों के वितरण पर रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मानक विहीन दवाइयों की आपूर्ति में खेल
औषधि प्रशासन मानक विहीन दवाइयों की आपूर्ति में खेल होने अंदेशा व्यक्त कर रहा है। ऐसे में आपूर्ति करने वाली और निर्माण करने वाली फर्मों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। औषधि निरीक्षक के मुताबिक दवा आपूर्ति करने वाली उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को मामले की जानकारी देते हुए तत्काल जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही दवा बनाने वाली हिमाचल प्रदेश की श्री सांई बालाजी फार्मास्युटिकल्स कंपनी से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। रिपोर्ट में दवा के मानक पर खरा न उतरने की पुष्टि हुई है, ऐसी दवा सरकारी अस्पतालों तक कैसे पहुंची, जरूर इसमें खेल हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोनों फर्मों से मिलने वाला जवाब संतोषजनक नहीं हुआ। तो संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

अब पूरे जिले के अस्पतालों में होगी दवाइयों की जांच
औषधि विभाग का कहना है कि अब पूरे जिले में दवाइयों की जांच की जाएगी। जिले में कुल 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 4 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल और महिला अस्पताल भी संचालित हैं। इन सभी में मरीजों को सरकारी दवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं। गुरसहायगंज सीएचसी में मानकविहीन दवा मिलने के बाद अब इन सभी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। औषधि विभाग ने कई दवा के सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट नवंबर में आने की संभावना है।


वेयर हाउस से भी लिए गए 10 दवा के सैंपल
औषधि निरीक्षक ने वेयर हाउस का निरीक्षण किया और प्रतिबंधित दवा की सप्लाई न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने वेयर हाउस से 10 दवा के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला वाराणसी भेजा गया है। अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग भी इस कार्रवाई से सतर्क हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed