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पैरों में पैंजन-हाथों में कंगना...
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शहर की लाला कुंज बिहारी धर्मशाला में राम कथा सुनते भक्त।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शहर की लाला कुंज बिहारी लाल धर्मशाला में चल रही श्रीराम कथा व यज्ञ के चौथे दिन कथा वाचक छोटे मुरारी बापू ने श्रीराम की बाल लीलाओं का रसपान कराया। पैरों में पैंजन, हाथों में कंगना, ठुमुक ठुमुक चले रघुवर अंगना भजन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
भगवान श्रीराम की लीलाओं का बखान करते हुए कहा कि भगवान ने अवध में मां के साथ बाल लीलाएं कीं। विश्वामित्र के शिक्षा दीक्षा के लिए भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को मांगने की कथा सुनाई। पिता दशरथ सब कुछ देने को तैयार थे पर श्रीराम को देने के लिए तैयार नहीं हुए। विश्वामित्र को सीधे मना कर दिया।
कहा कि इसी तरह से मनुष्य को भी सर्वस्व त्याग करना पड़े तो कर देना, पर कभी भी अपने ब्रह्म रूपी, शांति रूपी भगवान श्रीराम को नहीं छोड़ना चाहिए। सुबह के समय यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें भक्तों ने आहुतियां दीं। कथा के शुभारंभ पर पूजा पाठ किया गया। दोपहर के समय भक्तों ने यज्ञ कुंड की परिक्रमा की। बाद में कथा का रसपान किया। सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए उमड़े।
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भगवान श्रीराम की लीलाओं का बखान करते हुए कहा कि भगवान ने अवध में मां के साथ बाल लीलाएं कीं। विश्वामित्र के शिक्षा दीक्षा के लिए भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को मांगने की कथा सुनाई। पिता दशरथ सब कुछ देने को तैयार थे पर श्रीराम को देने के लिए तैयार नहीं हुए। विश्वामित्र को सीधे मना कर दिया।
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कहा कि इसी तरह से मनुष्य को भी सर्वस्व त्याग करना पड़े तो कर देना, पर कभी भी अपने ब्रह्म रूपी, शांति रूपी भगवान श्रीराम को नहीं छोड़ना चाहिए। सुबह के समय यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें भक्तों ने आहुतियां दीं। कथा के शुभारंभ पर पूजा पाठ किया गया। दोपहर के समय भक्तों ने यज्ञ कुंड की परिक्रमा की। बाद में कथा का रसपान किया। सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए उमड़े।
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