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महिलाओं को रोजगार और महिलाओं को सुधार

Thu, 08 Oct 2020 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 12:03 AM IST
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कन्नौज। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ईको फ्रेंडली फाइल कवर तैयार कर पर्यावरण की सुरक्षा के साथ ही खुद को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही हैं। जिले के सभी कार्यालयों में प्रतिवर्ष करीब एक लाख फाइल कवर की जरूरत होती है, इस औसत में प्रति वर्ष समूह को करीब तीन लाख की आय होगी। सभी विभागों को समूह की महिलाओं से ही फाइल कवर खरीदने के निर्देश जारी हो चुके हैं।
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नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक रोहित त्रिपाठी ने कोरोना महामारी के इस दौर में महिलाओं को रोजगार देने और पेड़ों की कटान रोकने के लिए ईको फ्रेंडली फाइल कवर बनवाने का संकल्प लिया। वह कालपी से हस्तनिर्मित कागज लाकर कोरोना कॉल में समूह की महिलाओं को दे रे हे हैं। करनपुर गांव के भोले बाबा महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं 10 महिलाएं ईको फ्रेंडली ऑफिस फाइल कवर बनाने का काम कर रही हैं।
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स्वयं सहायता समूह को प्रोत्साहित करने के लिए डीएम राकेश कुमार मिश्र ने सभी विभागों को हस्तनिर्मित फाइल कवर खरीदने के आदेश भी दिए हैं। प्रति फाइल कवर समूह को तीन रुपये की बचत हो रही है। रोहित ने बताया कि जिले के सरकारी कार्यालयों में प्रति वर्ष लगभग एक लाख फाइल कवर की जरूरत पड़ती है। इतने हस्तनिर्मित कवर बनाने से 270 पेड़ और 400 बांस के पेड़ों बचाए जा सकते हैं।
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ऐसे बनाया जाता ईको फ्रेंडली कवर
हस्तनिर्मित फाइल कवर पुराने कपड़े, फूलों की पंखुडियों, जूट, ऊन और घास से तैयार किया जाता है। यह कागज से बनाए गए फाइल कवर की अपेक्षा अधिक दिनों तक चलता है।
एक फाइल की लागत पांच रुपये
सामग्री लागत
हस्तनिर्मित कागज 3.5 रुपये
प्रिटिंग पर खर्च 50 पैसे
आइलेट क्लिप 20 पैसे
अन्य खर्च 80 पैसे
ये होंगे फायदे
-पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
-ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।
-ग्रामीण क्षेत्र से पलायन में कमी।
-लोगों की आय में इजाफा होगा।
-नेतृत्व क्षमता एवं जागरूकता बढे़गी।
बोलीं महिलाएं
भोले बाबा महिला स्वयं सहायता समूह की सचिव नीलम देवी ने बताया खेती से घर का भरण-पोषण नहीं हो पा रहा था। बाद में समूह के माध्यम से हस्तनिर्मित फाइल कवर बनाने का प्रशिक्षण मिला। इससे जुड़ने के बाद मैं पति का आर्थिक रूप से सहयोग करती हूं।

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समूह की सदस्य पूनम कुशवाहा का कहना है कि कोरोना काल में खराब दौर से गुजर रहे थे। गांव में हस्तनिर्मित फाइल कवर बनाने की जानकारी हुई तो हम भी जुड़ गए। हर रोज 200 फाइल कवर तैयार कर लेते हैं। इससे प्रतिदिन 600 रुपये मिल जाते हैं।
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