{"_id":"5f7b69d78ebc3e9ba661be67","slug":"other-kannauj-news-knp586627884","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कर्मियों की हड़ताल का बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कर्मियों की हड़ताल का बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ा असर
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कन्नौज/छिबरामऊ/तिर्वा। निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा। मजिस्ट्रेटों की निगरानी में ठेका कर्मचारियों के सहयोग से पूरे जिले में बिजली आपूर्ति अन्य दिनों की तरह सुचारु रही। हड़ताली बिजली कर्मियों ने छिबरामऊ क्षेत्र में हड़ताली कर्मियों ने सबस्टेशन के गेट पर ताला बंदकर धरना दिया। अन्य जगह भी धरना प्रदर्शन किया गया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर एक सप्ताह से दो घंटे का आंशिक प्रदर्शन सोमवार को हड़ताल में तब्दील हो गया। अधीक्षण अभियंता जीपी यादव की अगुवाई में उनके कार्यलय के बाहर सुबह 10 बजे से अधिकारी और कर्मचारी काम बंद कर धरने पर बैठ गए।
धरना सभा में एक्सईएन रवींद्र कुमार ने कहा कि राजस्व वसूली में विभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया, ये अधिकारियों व कर्मचारियों की देन है। बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में जाने से सभी के सामने समस्या हो जाएगी। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि निजीकरण होने नहीं देंगे। धरने में एक्सईएन शादाब अहमद, जेई राजेश कुमार, दीपक कुमार शामिल रहे।
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छिबरामऊ में एक्सईएन रवींद्र कुमार, एसडीओ रोहित सिंह के नेतृत्व में 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र के गेट पर हड़ताली कर्मियों ने ताला बंद कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सत्यराम यादव, जेई अजय अवस्थी, सुनील कुमार, विद्या सागर, करन सिंह, आशीष वर्मा, अवनीश कुमार, राजेश कुमार, आदेश कुमार, उपदेश, प्रशांत कटियार, संदीप राज, विनोद, कमलेश कुमार, अनिल कुमार, मानवेंद्र प्रताप, संतोष पाल, वीरेंद्र यादव, रामपाल व ललित कुमार मौजूद रहे।
डीएम करते रहे निगरानी
डीएम राकेश कुमार मिश्र विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए निगरानी रखे रहे। सभी 31 उपकेंद्रों पर पुलिस के अलावा लेखपालों भी लगाए गए थे। ठेका कर्मियों ने आपूर्ति में दिक्कत नहीं आने दी। एडीएम गजेंद्र सिंह, सदर एसडीएम गौरव कुमार और तिर्वा एसडीएम जयकरन सिंह, छिबरामऊ एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता अपने अपने क्षेत्र में मुस्तैद रहे।
आठ बिजली घरों में कार्य कर रहे पूर्व सैनिक
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के धरने को लेकर किसी पूर्व सैनिक को अलग से बिजली घरों की सुरक्षा में नहीं लगाया गया है। यह सभी बीते एक वर्ष से बिजली घरों पर काम कर रहे हैं। कहीं एसएसओ के पद पर तो कहीं सुरक्षा के लिहाज से जिले के आठ बिजली घरों में इनकी तैनाती है। सोमवार को इन पूर्व सैनिकों ने सजगता से काम संभाला।
बिजली विभाग में 502 ठेका कर्र्मचारी
बिजली विभाग में 502 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं। इनमें 375 लाइनमैन, 93एसएसओ और 34 कंप्यूटर आपरेटर हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या 150 है। हड़ताल के दौरान इन्हीं ठेकाकर्मियों ने आपूर्ति सुचारु रखी।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर एक सप्ताह से दो घंटे का आंशिक प्रदर्शन सोमवार को हड़ताल में तब्दील हो गया। अधीक्षण अभियंता जीपी यादव की अगुवाई में उनके कार्यलय के बाहर सुबह 10 बजे से अधिकारी और कर्मचारी काम बंद कर धरने पर बैठ गए।
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धरना सभा में एक्सईएन रवींद्र कुमार ने कहा कि राजस्व वसूली में विभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया, ये अधिकारियों व कर्मचारियों की देन है। बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में जाने से सभी के सामने समस्या हो जाएगी। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि निजीकरण होने नहीं देंगे। धरने में एक्सईएन शादाब अहमद, जेई राजेश कुमार, दीपक कुमार शामिल रहे।
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छिबरामऊ में एक्सईएन रवींद्र कुमार, एसडीओ रोहित सिंह के नेतृत्व में 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र के गेट पर हड़ताली कर्मियों ने ताला बंद कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सत्यराम यादव, जेई अजय अवस्थी, सुनील कुमार, विद्या सागर, करन सिंह, आशीष वर्मा, अवनीश कुमार, राजेश कुमार, आदेश कुमार, उपदेश, प्रशांत कटियार, संदीप राज, विनोद, कमलेश कुमार, अनिल कुमार, मानवेंद्र प्रताप, संतोष पाल, वीरेंद्र यादव, रामपाल व ललित कुमार मौजूद रहे।
डीएम करते रहे निगरानी
डीएम राकेश कुमार मिश्र विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए निगरानी रखे रहे। सभी 31 उपकेंद्रों पर पुलिस के अलावा लेखपालों भी लगाए गए थे। ठेका कर्मियों ने आपूर्ति में दिक्कत नहीं आने दी। एडीएम गजेंद्र सिंह, सदर एसडीएम गौरव कुमार और तिर्वा एसडीएम जयकरन सिंह, छिबरामऊ एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता अपने अपने क्षेत्र में मुस्तैद रहे।
आठ बिजली घरों में कार्य कर रहे पूर्व सैनिक
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के धरने को लेकर किसी पूर्व सैनिक को अलग से बिजली घरों की सुरक्षा में नहीं लगाया गया है। यह सभी बीते एक वर्ष से बिजली घरों पर काम कर रहे हैं। कहीं एसएसओ के पद पर तो कहीं सुरक्षा के लिहाज से जिले के आठ बिजली घरों में इनकी तैनाती है। सोमवार को इन पूर्व सैनिकों ने सजगता से काम संभाला।
बिजली विभाग में 502 ठेका कर्र्मचारी
बिजली विभाग में 502 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं। इनमें 375 लाइनमैन, 93एसएसओ और 34 कंप्यूटर आपरेटर हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या 150 है। हड़ताल के दौरान इन्हीं ठेकाकर्मियों ने आपूर्ति सुचारु रखी।