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भाव लुढ़के तो मक्के से पटी मंडी
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कन्नौज। गर्मी का मक्का व आलू किसानों के घाटे कोे हर साल पूरा करता रहा है। पिछले साल की तुलना में मक्का का भाव आधे पर आ गया है। अच्छा भाव पाने के लिए किसानों ने घरों में रोका मक्का अब भाव लगातार गिरता देख निकालना शुरू कर दिया। हालात यह रहे कि दो दिन में नवीन मंडी परिषद में 16 हजार क्विंटल मक्का खरीदा गया।
जायद की मक्का फसल जिले के किसानों के लिए लाभदायक रही है। किसान इससे आलू का घाटा पूरा कर लेते थे। किंतु इस साल आलू महंगा है तो मक्का सस्ता हो गया है। पिछले साल शुरुआत 1700 रुपये प्रति क्विंटल से हुई थी और 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक में मक्का बिका था। इस साल 1000 रुपये से भाव खुला, कुछ दिन बाद 1,250 रुपये तक पहुंचा। इसके बाद से लगातार गिरावट आ रही है। कभी 20 तो कभी 30 रुपये प्रति क्विंतल भाव कम हुए। शुक्रवार को 1120 रुपये में खरीद हुई। जायद के मक्का की कटाई 20 से 25 दिन पहले हो गई थी। भाव बढ़ने की आस में किसान उपज रोके थे लेकिन लगातार भाव कम होने से किसान मक्का लेकर मंडी पहुंचने लगे हैं।
नवीन मंडी में दो दिन में 16 हजार क्विंटल मक्का की खरीद हुई है। कुल 31 हजार क्विंटल मक्का खरीदा जा चुका है। मक्का से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की कतारें जीटी रोड किनारे लगने से जाम भी लग जाता है।
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अब भाव बढ़ने की उम्मीद कम
मंडी में मक्का बेचने आए किसान राम प्रकाश ने बताया कि 20 दिन पहले फसल तैयार हो गई थी, भाव बढ़ने की उम्मीद में 150 पैकेट घर में रखे थे। किंतु भाव बढ़ने के बजाए घट रहा है, अब भाव बढ़ने की उम्मीद भी कम है। घर में मक्का सूखने के साथ चूहे भी नुकसान कर रहे थे इसलिए मंडी में बेचने लाए हैं। किसान रोशन लाल कहा कि उम्मीद थी कि पिछले साल की तरह भाव मिलेगा लेकिन इस बार कम ही होता जा रहा है। बढ़ने की उम्मीद न देख आज बेचने के लिए मंडी ले आए। किसान पुष्पेंद्र ने कहा कि अगर मक्का बीते वर्ष के भाव में बिकती तो किसान मालामाल हो जाता।
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जायद की मक्का फसल जिले के किसानों के लिए लाभदायक रही है। किसान इससे आलू का घाटा पूरा कर लेते थे। किंतु इस साल आलू महंगा है तो मक्का सस्ता हो गया है। पिछले साल शुरुआत 1700 रुपये प्रति क्विंटल से हुई थी और 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक में मक्का बिका था। इस साल 1000 रुपये से भाव खुला, कुछ दिन बाद 1,250 रुपये तक पहुंचा। इसके बाद से लगातार गिरावट आ रही है। कभी 20 तो कभी 30 रुपये प्रति क्विंतल भाव कम हुए। शुक्रवार को 1120 रुपये में खरीद हुई। जायद के मक्का की कटाई 20 से 25 दिन पहले हो गई थी। भाव बढ़ने की आस में किसान उपज रोके थे लेकिन लगातार भाव कम होने से किसान मक्का लेकर मंडी पहुंचने लगे हैं।
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नवीन मंडी में दो दिन में 16 हजार क्विंटल मक्का की खरीद हुई है। कुल 31 हजार क्विंटल मक्का खरीदा जा चुका है। मक्का से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की कतारें जीटी रोड किनारे लगने से जाम भी लग जाता है।
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अब भाव बढ़ने की उम्मीद कम
मंडी में मक्का बेचने आए किसान राम प्रकाश ने बताया कि 20 दिन पहले फसल तैयार हो गई थी, भाव बढ़ने की उम्मीद में 150 पैकेट घर में रखे थे। किंतु भाव बढ़ने के बजाए घट रहा है, अब भाव बढ़ने की उम्मीद भी कम है। घर में मक्का सूखने के साथ चूहे भी नुकसान कर रहे थे इसलिए मंडी में बेचने लाए हैं। किसान रोशन लाल कहा कि उम्मीद थी कि पिछले साल की तरह भाव मिलेगा लेकिन इस बार कम ही होता जा रहा है। बढ़ने की उम्मीद न देख आज बेचने के लिए मंडी ले आए। किसान पुष्पेंद्र ने कहा कि अगर मक्का बीते वर्ष के भाव में बिकती तो किसान मालामाल हो जाता।