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Kannauj News: मलिकपुर सहकारी समिति पर एक हजार बोरी खाद पहुंची
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समधन। किसानों की मांग और शासन के सख्त निर्देशों के बाद क्षेत्र में डीएपी और एनपीके खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। रविवार को सचिव ने बताया कि जिन खातेदार किसानों को अब तक खाद नहीं मिल पाई है, उन्हें हर हाल में खाद दी जाएगी।
मलिकपुर स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति पर सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक हजार बोरी एनपीके व डीएपी खाद उपलब्ध कराई गई है। सचिव धनंजय चतुर्वेदी ने बताया कि बीते माह में चार हजार बोरी एनपीके व डीएपी खाद खातेदार क्षेत्रीय किसानों को वितरित की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ किसान अभी तक खाद से वंचित रह गए हैं।
सचिव ने कहा कि वंचित किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की फोटो कॉपी और आधार कार्ड की कॉपी जमा करने के बाद खाद वितरित की जाएगी। किसानों को समिति पर आकर दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खाद दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि 46 ऐसे खातेदार किसान हैं, जिन्होंने ऋण पर 32 लाख रुपये की खाद ली थी और बकाया राशि आज तक जमा नहीं की है। ऐसे बकाएदार किसानों को किसी भी कीमत पर सरकारी खाद का लाभ नहीं दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया जमा करने के बाद ही उन्हें खाद वितरित की जाएगी। खाद उपलब्ध होने की सूचना पर किसानों में खुशी है। रबी की बुवाई के समय खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
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मलिकपुर स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति पर सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक हजार बोरी एनपीके व डीएपी खाद उपलब्ध कराई गई है। सचिव धनंजय चतुर्वेदी ने बताया कि बीते माह में चार हजार बोरी एनपीके व डीएपी खाद खातेदार क्षेत्रीय किसानों को वितरित की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ किसान अभी तक खाद से वंचित रह गए हैं।
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सचिव ने कहा कि वंचित किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की फोटो कॉपी और आधार कार्ड की कॉपी जमा करने के बाद खाद वितरित की जाएगी। किसानों को समिति पर आकर दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खाद दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि 46 ऐसे खातेदार किसान हैं, जिन्होंने ऋण पर 32 लाख रुपये की खाद ली थी और बकाया राशि आज तक जमा नहीं की है। ऐसे बकाएदार किसानों को किसी भी कीमत पर सरकारी खाद का लाभ नहीं दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया जमा करने के बाद ही उन्हें खाद वितरित की जाएगी। खाद उपलब्ध होने की सूचना पर किसानों में खुशी है। रबी की बुवाई के समय खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
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