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मुंबई से हरदोई जा रहे वृद्ध श्रमिक की रास्ते में मौत
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बृध्द की मौत के बाद घटना स्थल पर बैठे प्रवासी मजदूर व उनके परिजन
- फोटो : KANNAUJ
हरदोई के भी ध्यानार्थ
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फोटो 08- घटनास्थल पर जांच करते एसडीएम शैलेष कुमार, सीओ श्रीकांत प्रजापति और कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक
फोटो 09- घटनास्थल पर मौजूद श्रमिक विक्रम के परिजन
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मुंबई से हरदोई जा रहे वृद्ध श्रमिक की रास्ते में मौत
क्रासर
हरदोई जाने के लिए जीटी रोड हरदोई मोड़ पर दो भांजों के साथ ट्रक से उतरा था
भूख से मामा की मौत का लगाया आरोप, महादेवी घाट पर किया अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
मानीमऊ/कन्नौज। लॉकडाउन में घर जाने के लिए मुंबई से ट्रक से उतरकर पैदल चल रहे वृद्ध श्रमिक की रास्ते में मौत हो गई। साथ आए भांजों ने भूख से वृद्ध की मौत का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हरदोई से आए परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद शहर के महादेवी घाट पर वृद्ध का अंतिम संस्कार कर घर चले गए।
हरदोई थाना सांडी के गांव सैतियापुर निवासी विक्रम दोहरे (60) पुत्र भज्जा करीब पांच साल से हरपालपुर में रहने वाले भांजे नरेंद्र और विनोद कुमार के साथ मुंबई में रहता था। वह दारू खाना रे रोड स्थित पानी जहाज बनाने वाले कारखाने में पेंटिंग का काम करता था। लॉकडाउन के चलते 13 मई को विक्रम अपने दो भांजों के साथ ट्रक पर निकला। साथ में यूपी के करीब 40 अन्य लोग भी थे। शनिवार शाम करीब पांच बजे सदर कोतवाली क्षेत्र के मानीमऊ में जीटी रोड पर हरदोई मोड़ पर ट्रक पहुंचा। तब अन्य 17 लोगों के साथ वे तीनों भी पैदल घर जाने के लिए उतर गए। करीब 500 मीटर पैदल चलने के बाद विक्रम की हालत बिगड़ने लगी और वह धीरे-धीरे चलने लगा। सेल्स टैक्स कार्यालय के पास हरदोई रोड पर फल की ठेली देखकर फल खरीदकर खाने के लिए विक्रम रुका और झोला ठेली पर रख दिया। तबीयत बिगड़ने पर वह सामने बाग में पेड़ के नीचे जाकर गिर गया और उसकी वहीं मौत हो गई।
उधर उसके भांजे आगे निकल गए। शाम होने पर ठेली दुकानदार ने झोले में मिली डायरी से विक्रम के भाई राजकुमार को फोन कर बताया कि झोला रखने के बाद वृद्ध लापता हो गए हैं। सुबह सेल्स टैक्स कार्यालय के सामने बाग में परिजनों को विक्रम का शव मिलने की जानकारी हुई। एसडीएम शैलेष कुमार, सीओ श्रीकांत प्रजापति भी मौके पर पहुंचे। यहां नरेंद्र और विनोद ने बताया कि मामा की मौत भूख से हो गई। बताया कि चार दिन से ट्रक में सफर करने के दौरान सिर्फ बिस्कुट और नमकीन खा रहे थे। वहीं परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। शहर के महादेवी घाट पर विक्रम का अंतिम संस्कार कर सभी लोग रवाना हो गए।
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साइड स्टोरी...
घर से महज 40 किमी की दूरी पर जिंदगी ने छोड़ दिया साथ
कन्नौज। लॉकडाउन में घर पहुंचने की आस में श्रमिक विक्रम ने कई जतन किए। मुंबई से कुछ दूर पैदल चलते-चलते यूपी के करीब 40 लोगों का साथ हो गया। इसके बाद रास्ते से गुजर रहे ट्रक को रोका। प्रति व्यक्ति ने चार-चार हजार रुपये देकर ट्रक चालक को यूपी तक छोड़ने के लिए राजी कर लिया। मुंबई से करीब चार दिन का सफर करने के बाद जब कन्नौज आया तो विक्रम सिंह से उसके भांजों ने कहा कि घर पहुंचने के लिए अब 40 किलोमीटर चलना है। इससे विक्रम के चेहरे पर मुस्कान भी आई, लेकिन उसे क्या पता है कि जैसे-जैसे घर की मंजिल करीब आ रही है। वैसे ही जिंदगी साथ छोड़ देगी। वहीं विक्रम के इकलौते बेटे सुनील कुमार का रो रोकर हाल बेहाल था।
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फोटो 08- घटनास्थल पर जांच करते एसडीएम शैलेष कुमार, सीओ श्रीकांत प्रजापति और कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक
फोटो 09- घटनास्थल पर मौजूद श्रमिक विक्रम के परिजन
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मुंबई से हरदोई जा रहे वृद्ध श्रमिक की रास्ते में मौत
क्रासर
हरदोई जाने के लिए जीटी रोड हरदोई मोड़ पर दो भांजों के साथ ट्रक से उतरा था
भूख से मामा की मौत का लगाया आरोप, महादेवी घाट पर किया अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
मानीमऊ/कन्नौज। लॉकडाउन में घर जाने के लिए मुंबई से ट्रक से उतरकर पैदल चल रहे वृद्ध श्रमिक की रास्ते में मौत हो गई। साथ आए भांजों ने भूख से वृद्ध की मौत का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हरदोई से आए परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद शहर के महादेवी घाट पर वृद्ध का अंतिम संस्कार कर घर चले गए।
हरदोई थाना सांडी के गांव सैतियापुर निवासी विक्रम दोहरे (60) पुत्र भज्जा करीब पांच साल से हरपालपुर में रहने वाले भांजे नरेंद्र और विनोद कुमार के साथ मुंबई में रहता था। वह दारू खाना रे रोड स्थित पानी जहाज बनाने वाले कारखाने में पेंटिंग का काम करता था। लॉकडाउन के चलते 13 मई को विक्रम अपने दो भांजों के साथ ट्रक पर निकला। साथ में यूपी के करीब 40 अन्य लोग भी थे। शनिवार शाम करीब पांच बजे सदर कोतवाली क्षेत्र के मानीमऊ में जीटी रोड पर हरदोई मोड़ पर ट्रक पहुंचा। तब अन्य 17 लोगों के साथ वे तीनों भी पैदल घर जाने के लिए उतर गए। करीब 500 मीटर पैदल चलने के बाद विक्रम की हालत बिगड़ने लगी और वह धीरे-धीरे चलने लगा। सेल्स टैक्स कार्यालय के पास हरदोई रोड पर फल की ठेली देखकर फल खरीदकर खाने के लिए विक्रम रुका और झोला ठेली पर रख दिया। तबीयत बिगड़ने पर वह सामने बाग में पेड़ के नीचे जाकर गिर गया और उसकी वहीं मौत हो गई।
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उधर उसके भांजे आगे निकल गए। शाम होने पर ठेली दुकानदार ने झोले में मिली डायरी से विक्रम के भाई राजकुमार को फोन कर बताया कि झोला रखने के बाद वृद्ध लापता हो गए हैं। सुबह सेल्स टैक्स कार्यालय के सामने बाग में परिजनों को विक्रम का शव मिलने की जानकारी हुई। एसडीएम शैलेष कुमार, सीओ श्रीकांत प्रजापति भी मौके पर पहुंचे। यहां नरेंद्र और विनोद ने बताया कि मामा की मौत भूख से हो गई। बताया कि चार दिन से ट्रक में सफर करने के दौरान सिर्फ बिस्कुट और नमकीन खा रहे थे। वहीं परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। शहर के महादेवी घाट पर विक्रम का अंतिम संस्कार कर सभी लोग रवाना हो गए।
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घर से महज 40 किमी की दूरी पर जिंदगी ने छोड़ दिया साथ
कन्नौज। लॉकडाउन में घर पहुंचने की आस में श्रमिक विक्रम ने कई जतन किए। मुंबई से कुछ दूर पैदल चलते-चलते यूपी के करीब 40 लोगों का साथ हो गया। इसके बाद रास्ते से गुजर रहे ट्रक को रोका। प्रति व्यक्ति ने चार-चार हजार रुपये देकर ट्रक चालक को यूपी तक छोड़ने के लिए राजी कर लिया। मुंबई से करीब चार दिन का सफर करने के बाद जब कन्नौज आया तो विक्रम सिंह से उसके भांजों ने कहा कि घर पहुंचने के लिए अब 40 किलोमीटर चलना है। इससे विक्रम के चेहरे पर मुस्कान भी आई, लेकिन उसे क्या पता है कि जैसे-जैसे घर की मंजिल करीब आ रही है। वैसे ही जिंदगी साथ छोड़ देगी। वहीं विक्रम के इकलौते बेटे सुनील कुमार का रो रोकर हाल बेहाल था।