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अब सोलर से जगमग होगा सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय
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जानकारी देते सीएमएस डा. राजेश कुमार तिवारी। संवाद
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। नगर के सौ शय्या संयुक्त अस्पताल में सोलर संयंत्र लगाने के लिए सीएमएस ने निदेशालय को प्रस्ताव भेेजा है। संयंत्र पीएलए खाते में पड़े एक करोड़ दस लाख रुपये से लगाने की तैयारी है। संयंत्र लगने के बाद अस्पताल को विद्युत कटौती से होने वाली समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशक और सीएमओ को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। बताया कि संयंत्र लगवाने के लिए नेडा से संपर्क किया गया है। कंपनी की टीम शीघ्र ही अस्पताल का दौरा कर संयंत्र की लागत और जगह तय करेगी। सीएमएस ने कहा कि संयंत्र लगने से विद्युत व्यय भी कम हो जाएगा। अभी प्रतिमाह बिजली का बिल चार से छह लाख रुपये आता है। सोलर विद्युत संयंत्र में टू वे मीटर लगा होने से उपयोग के बाद जो बिजली बचेगी, उसे बिजली विभाग को दिया जाएगा। अस्पताल पर बकाया बिजली के 35 लाख रुपये के बिल में इसका हो जाएगा।
पीएलए में पड़ा है एक करोड़ दस लाख
सौ शय्या अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट के लिए एक करोड़ दस लाख रुपये मिले थे। बाद में प्लांट के लिए 45 करोड़ 97 लाख 54 हजार रुपये फिर मिले। वित्तीय वर्ष 2014-15 में धनराशि का उपयोग न होने के कारण तत्कालीन सीएमओ डॉ. पीएन बाजपेई ने एक करोड़ 60 लाख रुपये पीएलए (पर्सनल लेजर अकाउंट) में भेज दिया था। 2015-16 में पीएलए से 50 लाख रुपये खर्च कर लिए गए थे। एक करोड़ दस लाख खाते में पड़े हैं।
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सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशक और सीएमओ को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। बताया कि संयंत्र लगवाने के लिए नेडा से संपर्क किया गया है। कंपनी की टीम शीघ्र ही अस्पताल का दौरा कर संयंत्र की लागत और जगह तय करेगी। सीएमएस ने कहा कि संयंत्र लगने से विद्युत व्यय भी कम हो जाएगा। अभी प्रतिमाह बिजली का बिल चार से छह लाख रुपये आता है। सोलर विद्युत संयंत्र में टू वे मीटर लगा होने से उपयोग के बाद जो बिजली बचेगी, उसे बिजली विभाग को दिया जाएगा। अस्पताल पर बकाया बिजली के 35 लाख रुपये के बिल में इसका हो जाएगा।
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पीएलए में पड़ा है एक करोड़ दस लाख
सौ शय्या अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट के लिए एक करोड़ दस लाख रुपये मिले थे। बाद में प्लांट के लिए 45 करोड़ 97 लाख 54 हजार रुपये फिर मिले। वित्तीय वर्ष 2014-15 में धनराशि का उपयोग न होने के कारण तत्कालीन सीएमओ डॉ. पीएन बाजपेई ने एक करोड़ 60 लाख रुपये पीएलए (पर्सनल लेजर अकाउंट) में भेज दिया था। 2015-16 में पीएलए से 50 लाख रुपये खर्च कर लिए गए थे। एक करोड़ दस लाख खाते में पड़े हैं।
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