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Kannauj News: गर्भवती के स्वास्थ्य की अब ऑनलाइन जानकारी
Fri, 24 Feb 2023 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Fri, 24 Feb 2023 12:04 AM IST
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कन्नौज। अब गर्भवतियों के गर्भधारण से लेकर प्रसव तक की जानकारी ऑनलाइन आशा और एएनएम को मिलेगी। इससे उपचार और परामर्श में आसानी होगी। आशा और एएनएम को एप का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
कलक्ट्रेट के सभागार में डीएम शुभ्रांत शुक्ल की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा कर्मचारी, आशा और एएनएम को ई-कवच एप की जानकारी दी गई। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ता अपने मोबाइल फोन पर ई-कवच एप डाउनलोड कर पेपरलेस काम कर सकेंगी। इस एप के जरिए सर्वे और जरूरी काम किया जा सकेगा। गर्भवतियों का डाटा अब ई-कवच एप में फीड होगा। इसमें गर्भ से लेकर प्रसव तक की जानकारी दवाओं के ब्योरे के साथ ही इलाज करने वाले चिकित्सक का भी नाम दर्ज होगा। इससे उन्हें संबंधित गर्भवती का रिकार्ड नहीं बनाना होगा। मोबाइल में ही गर्भवती की जानकारी मिल जाएगी।
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एप में दर्ज होगा गर्भवती का ब्योरा
इस एप में गर्भवती के पर्चे का पंजीकरण नंबर और नाम फीड होगा। जब एएनएम गांव का दौरा कर गर्भवती के घर पर जाएंगी तो उन्हें संबंधित गर्भवती की हेल्थ आईडी डालना होगा। इससे इससे पूरी डिटेल सामने आ जएगी। एप से स्वास्थ्य अधिकारी भी तत्काल पता कर लेंगे कि गर्भवती का क्या इलाज हुआ और उसे कितने टीके लगे हैं।
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कलक्ट्रेट के सभागार में डीएम शुभ्रांत शुक्ल की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा कर्मचारी, आशा और एएनएम को ई-कवच एप की जानकारी दी गई। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ता अपने मोबाइल फोन पर ई-कवच एप डाउनलोड कर पेपरलेस काम कर सकेंगी। इस एप के जरिए सर्वे और जरूरी काम किया जा सकेगा। गर्भवतियों का डाटा अब ई-कवच एप में फीड होगा। इसमें गर्भ से लेकर प्रसव तक की जानकारी दवाओं के ब्योरे के साथ ही इलाज करने वाले चिकित्सक का भी नाम दर्ज होगा। इससे उन्हें संबंधित गर्भवती का रिकार्ड नहीं बनाना होगा। मोबाइल में ही गर्भवती की जानकारी मिल जाएगी।
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एप में दर्ज होगा गर्भवती का ब्योरा
इस एप में गर्भवती के पर्चे का पंजीकरण नंबर और नाम फीड होगा। जब एएनएम गांव का दौरा कर गर्भवती के घर पर जाएंगी तो उन्हें संबंधित गर्भवती की हेल्थ आईडी डालना होगा। इससे इससे पूरी डिटेल सामने आ जएगी। एप से स्वास्थ्य अधिकारी भी तत्काल पता कर लेंगे कि गर्भवती का क्या इलाज हुआ और उसे कितने टीके लगे हैं।
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