फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Not Kannauj, Allahabad was viral Maikrobayॅlaji paper

कन्नौज नहीं, इलाहाबाद से वायरल हुआ था माइक्रोबायॅलाजी का पेपर

Tue, 28 Feb 2017 11:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज Updated Tue, 28 Feb 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
Not Kannauj, Allahabad was viral Maikrobayॅlaji paper
कन्नौज का राजकीय मेडिकल कालेज - फोटो : Amar ujala

केजीएमयू लखनऊ से संचालित एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की परीक्षा में माइक्रोबायोलॅाजी विषय का प्रथम प्रश्नपत्र का पेपर लीक हो जाने के मामले में केजीएमयू की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम के सदस्यों ने एमबीबीएस के स्टूडेंट्स से पूरे मामले की जानकारी की। शैक्षणिक ब्लाक में भी जाकर माइक्रोबायॅलाजी के डाक्टरों से भी पूछताछ की। शिकायत करने वाले स्टूडेंट के मोबाइल में व्हाट्सएप चेक किया  तो यह तथ्य सामने आया कि वायरल हुआ पेपर इलाहाबाद से किसी स्टूडेंट ने उक्त स्टूडेंट के मोबाइल पर भेजा था। करीब चार घंटे तक चली पूछताछ के बाद टीम लखनऊ लौट गई।

विज्ञापन


गौरतलब है कि गत 17 फरवरी को राजकीय मेडिकल कॉलेज ने एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के  माइक्रोबायोलॉजी विषय के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। इस परीक्षा को संपन्न कराने के लिए केजीएमयू से ईएनटी विभाग के डॉक्टर एचपी सिंह को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। उनकी देखरेख में परीक्षाएं उस दिन संपन्न कराई थी। 17 फरवरी की देर रात्रि मेडिकल कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स पर्यवेक्षक डॉ. एचपी सिंह से मिले थे और उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी का पेपर वायरल होने की शिकायत उनसे की थी।
विज्ञापन


कहा था कि उनके व्हाट्सएप पर शाम को किसी लड़के ने पेपर सेंड किया था। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि उक्त मामले की जांच करने के लिए केजीएमयू से डाक्टर भट्टाचार्य के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मेडिकल कॉलेज आई थी। इसमें पर्यवेक्षक रहे डॉ. एचपी सिंह भी शामिल थे। टीम ने एमबीबीएस सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स से पूछताछ की, जिस स्टूडेंट ने पेपर वायरल होने की शिकायत दर्ज कराई थी, उससे भी टीम के सदस्यों ने पूछताछ की। उसका मोबाइल भी चेक किया। मोबाइल से व्हाट्सएप चेक किया गया तो यह तथ्य सामने आया कि वायरल हुआ पेपर इलाहाबाद से किसी स्टूडेंट ने उक्त स्टूडेंट के मोबाइल पर भेजा था। केजीएमयू की टीम अब इलाहाबाद के स्टूडेंट की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॅाजी डिपाटमेंट के एचओडी डॉ. संजीव त्रिपाठी का कहना है कि पेपर वायरल होने के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन व यहां के स्टूडेंट्स की कोई भूमिका नहीं है। 17 फरवरी को पेपर पर्यवेक्षक डॉ. एचपी सिंह की देखरेख में शुरू हुआ था। उन्होंने ही पेपर की सील खुद खोली थी। परीक्षा तीन बजे खत्म हो गई थी। पेपर वायरल होने की जानकारी शाम को सात बजे के बाद मिली।


 मैं लखनऊ में है। टीम मेडिकल कॉलेज में पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट देगी। परीक्षा निरस्त नहीं होगी। विलंबित हो सकती है। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी।
डॉ. संदीप कौशिक (परीक्षा प्रभारी, मेडिकल कॉलेज तिर्वा)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed