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रोड नहीं तो वोट नहीं
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:10 AM IST
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उमर्दा ब्लाक के गांव बहादुरपुर के लोगों ने चुनाव
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बहिष्कार का एलान किया है। रविवार को हाथों में काले झंडे लेकर ग्रामीणों
ने स्थानीय नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांव का मुख्य संपर्क मार्ग
पक्का न बनने तक रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किया।
ग्राम पंचायत ठठिया के मजरा बहादुरापुर के ग्रामीण सर्वेश और रामप्रकाश का कहना है कि मानीमऊ-ठठिया रोड से गांव तक जाने वाला करीब एक किमी संपर्क मार्ग कच्चा है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव यदि कोई बीमार हो जाए तो उसे खटिया पर लिटाकर एक किमी तक पैदल ले जाना पड़ता है।
कच्चे मार्ग के कारण अनाज मंडी तक ले जाने में परेशानी होती है। बारिश के दिनों में पैदल तक गांव पहुंचना दुश्वार हो जाता है। कहा कि रिश्तेदार आने से कतराते हैं। बच्चों को स्कूल तक जाने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों से रोड पक्की कराने की मांग की गई, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कहा कि डामर या सीमेंटेड रोड तो दूर खड़ंजा तक नहीं डाला गया, इसलिए मजबूर होकर पूरे गांव के लोगों ने विचार-विमर्श कर तय किया कि अबकी चुनाव का बहिष्कार करें। अब गांव में किसी भी प्रत्याशी को वोट मांगने के लिए घुसने नहीं देंगे। किसी भी प्रत्याशी का झंडा, बैनर या पोस्टर भी नहीं लगने देंगे।
पंचायत चुनाव तक यदि रोड न बना तो मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। ग्रामीण साहब लाल, अपील दोहरे, रामदयाल दोहरे, राम गोपाल, दिनेश, हवलदार, बलवीर, भारत, जितेंद्र, हीरालाल, प्रेमवती, महादेवी, राजेश्वरी, शकुंतला, लाली देवी, ममता, अनीता, रूबी आदि ने प्रदर्शन के दौरान अधूरे रोड के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया।
ग्राम पंचायत ठठिया के मजरा बहादुरापुर के ग्रामीण सर्वेश और रामप्रकाश का कहना है कि मानीमऊ-ठठिया रोड से गांव तक जाने वाला करीब एक किमी संपर्क मार्ग कच्चा है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव यदि कोई बीमार हो जाए तो उसे खटिया पर लिटाकर एक किमी तक पैदल ले जाना पड़ता है।
कच्चे मार्ग के कारण अनाज मंडी तक ले जाने में परेशानी होती है। बारिश के दिनों में पैदल तक गांव पहुंचना दुश्वार हो जाता है। कहा कि रिश्तेदार आने से कतराते हैं। बच्चों को स्कूल तक जाने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों से रोड पक्की कराने की मांग की गई, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कहा कि डामर या सीमेंटेड रोड तो दूर खड़ंजा तक नहीं डाला गया, इसलिए मजबूर होकर पूरे गांव के लोगों ने विचार-विमर्श कर तय किया कि अबकी चुनाव का बहिष्कार करें। अब गांव में किसी भी प्रत्याशी को वोट मांगने के लिए घुसने नहीं देंगे। किसी भी प्रत्याशी का झंडा, बैनर या पोस्टर भी नहीं लगने देंगे।
पंचायत चुनाव तक यदि रोड न बना तो मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। ग्रामीण साहब लाल, अपील दोहरे, रामदयाल दोहरे, राम गोपाल, दिनेश, हवलदार, बलवीर, भारत, जितेंद्र, हीरालाल, प्रेमवती, महादेवी, राजेश्वरी, शकुंतला, लाली देवी, ममता, अनीता, रूबी आदि ने प्रदर्शन के दौरान अधूरे रोड के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया।