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नवजात की मौत, लापरवाही का आरोप
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : KANNAUJ
तालग्राम(कन्नौज)। सीएचसी में रविवार सुबह प्रसव के बाद घर लौटे नवजात की 12 घंटे में हालत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं स्वास्थ्य कर्मी प्रसूता के अपनी मर्जी से घर जाने की बात कह रहे हैं। इससे पहले शनिवार को मुंडाला टिकुरियन की उपासना और कस्बे के जेरकिला की फरीन के नवजात की मौत हो चुकी है।
तालग्राम के चौखटा रोड निवासी बदन सिंह लोहपीटा की पत्नी प्रीती को शनिवार रात प्रसव पीड़ा हुई। निजी वाहन से सीएचसी में भर्ती कराया गया। रविवार सुबह प्रसव हुआ। कुछ घंटे बाद जच्चा और बच्चा को घर भेज दिया गया। रात में नवजात की हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं मिलीं। नर्स ने ऑक्सीजन लगाई। बच्चे की मौत हो गई।
बदन सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने एक हजार रुपये ले लिए। अस्पताल में 48 घंटे भर्ती नहीं रखा। इस बारे में नर्स ममता का कहना है कि बच्चा स्वस्थ था। कराह रहा था। प्रसूता अपनी मर्जी से अस्पताल से चली गई। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय का कहना है कि जानकारी की गई है। महिला खुद अस्पताल में नहीं रुकी। बच्चे की हालत बिगड़ने पर दूसरी जगह दिखाया। दोबारा सीएचसी लाने पर बचाने का प्रयास किया गया। मौत हो गई।
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व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई गईं
प्रभारी चिकित्साधिकारी ने नवजात की मौतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सोमवार को प्रसव कक्ष का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं। स्टाफ को प्रसव से पहले गर्भवती की सभी जांचों के आदेश भी दिए।
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तालग्राम के चौखटा रोड निवासी बदन सिंह लोहपीटा की पत्नी प्रीती को शनिवार रात प्रसव पीड़ा हुई। निजी वाहन से सीएचसी में भर्ती कराया गया। रविवार सुबह प्रसव हुआ। कुछ घंटे बाद जच्चा और बच्चा को घर भेज दिया गया। रात में नवजात की हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं मिलीं। नर्स ने ऑक्सीजन लगाई। बच्चे की मौत हो गई।
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बदन सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने एक हजार रुपये ले लिए। अस्पताल में 48 घंटे भर्ती नहीं रखा। इस बारे में नर्स ममता का कहना है कि बच्चा स्वस्थ था। कराह रहा था। प्रसूता अपनी मर्जी से अस्पताल से चली गई। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय का कहना है कि जानकारी की गई है। महिला खुद अस्पताल में नहीं रुकी। बच्चे की हालत बिगड़ने पर दूसरी जगह दिखाया। दोबारा सीएचसी लाने पर बचाने का प्रयास किया गया। मौत हो गई।
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व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई गईं
प्रभारी चिकित्साधिकारी ने नवजात की मौतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सोमवार को प्रसव कक्ष का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं। स्टाफ को प्रसव से पहले गर्भवती की सभी जांचों के आदेश भी दिए।