फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Neither did I see Bibi Halima nor do I have any information about her

Kannauj News: बीबी हलीमा को न तो देखा और न ही उनके बारे में कोई जानकारी

Tue, 17 Jun 2025 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
Neither did I see Bibi Halima nor do I have any information about her
छिबरामऊ। बीबी हलीमा संपत्ति प्रकरण में उनकी जमीनों की पैमाइश में राजस्व विभाग लगा हुआ है। वहीं, उनके जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच नगर पालिका कर रही है। प्रमाणपत्र के आवेदक के परिजनों ने भी शपथ पत्र देकर इससे कोई संबंध न होने की बात कही है। उनके पिता अशिक्षित थे, उनके किसने हस्ताक्षर किए इसकी जानकारी नहीं है। उन लोगों ने तो हलीमा बेगम को देखा तक नहीं है और न ही उनके बारे में कोई जानकारी है।
विज्ञापन



चेयरमैन मनोज दुबे ने बताया कि बीबी हलीमा के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मोहल्ला बिरतिया निवासी मोहम्मद शफी ने आवेदन किया था, इनकी मौत हो चुकी है। 20 मई 1981 में मोहल्ला बिरतिया में बीबी हलीमा की मौत की पुष्टि करते हुए मोहल्ला बिरतिया लाहौरी टोला निवासी जाकिर उर्फ पप्पू, मोहम्मद सगीर ने गवाही दी थी। आवेदक मोहम्मद शफी के पुत्र शहजाद व आजादी ने शपथ पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता अशिक्षित थे और हस्ताक्षर करने की बजाय अंगूठा लगाते थे, जबकि बीबी हलीमा के मृत्यु प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर हैं। यह किसी ने जालसाज कर उनके पिता के नाम का दुरुपयोग किया है।
विज्ञापन

वहीं, इस प्रकरण के दूसरे गवाह मोहम्मद सगीर के चलने फिरने व बोलने में असमर्थ होने के कारण ईओ सुनील कुमार सिंह ने उनके आवास पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। इनके परिजनों ने शपथ पत्र देते हुए बताया कि न तो उनके पिता का बीबी हलीमा से कोई संबंध नहीं रहा है और न ही उनके बारे में कोई जानकारी है। चेयरमैन ने बताया कि आवेदक और गवाहों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इस रिपोर्ट को एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी को सौंप दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



इनसेट

तत्कालीन ईओ बोले, आवेदक और गवाहों ने दिए थे शपथ पत्र

बीबी हलीमा के जारी मृत्यु प्रमाण पत्र के दौरान तैनात रहे ईओ सुरेंद्र केसरवानी ने बताया कि प्रमाण पत्र के आवेदक और गवाहों ने शपथ पत्र दिए थे। इनमें गवाहों के फोटो भी चस्पा थे। उसी आधार पर जांच कर पालिका कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया था। तीनों शपथ पत्र पालिका के रिकाॅर्ड में सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed