फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   navajaat bachchee mein sankraman kee aashanka, saimpal jaanch ko bheja

नवजात बच्ची में संक्रमण की आशंका, सैंपल जांच को भेजा

Sat, 08 Feb 2020 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 11:57 PM IST
विज्ञापन
navajaat bachchee mein sankraman kee aashanka, saimpal jaanch ko bheja
एसएनसीयू में रेडियंट वार्मर पर भर्ती नवजात। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। नवजात बच्ची में संक्रमण की आशंका है। उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भेजा गया है। रिपोर्ट रविवार को मिलेगी। इसके बाद पता चल सकेगा कि वास्तविक स्थिति क्या है। इस पूरे मामले ने तालग्राम सीएचसी स्टाफ की घोर लापरवाही को सामने ला दिया है। उधर, कानपुर की सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के अध्यक्ष की ओर से इस पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) नई दिल्ली से की गई है।
विज्ञापन

नवजात बच्ची के रहस्यमय ढंग से लापता होने और फिर शुक्रवार दोपहर फर्रुखाबाद में मिलने के बाद उसे महिला विंग के एसएनसीयू (सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह नवजात बच्ची में संक्रमण की आशंका पर सीबीसी, सीआरपी जांच के लिए ब्लड सैंपल जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण की सही जानकारी हो सकेगी। उधर, चिकित्सकों का कहना है कि नवजात बच्ची कम दिनों में पैदा हुई है। बच्ची का वजन एक किलो 415 ग्राम है। यह स्वस्थ बच्चे की तुलना में करीब एक किलो कम है।
विज्ञापन

बच्ची का इलाज कर रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश यादव ने बताया कि बच्ची कम समय व कम वजन की पैदा हुई है। इससे बच्ची की विशेष देखभाल की जरूरत है। नवजात के पैदा होने के बाद उसमें पानी की अधिकता होती है। करीब 15 दिनों तक बच्ची के वजन में ग्रोथ होना मुश्किल होता है। भर्ती होने के बाद प्रत्येक दो घंटे में दो एमएल दूध नली के माध्यम से दिया गया है। शनिवार को बच्ची कटोरी चम्मच से दूध लेने लगी है। पैथोलॉजी से रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण की सही जानकारी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नवजात बच्ची का ये है मामला
बुधवार सुबह सीएचसी तालग्राम में जन्मी नवजात बच्ची को माता-पिता छोड़कर चले गए थे। सीएचसी स्टाफ की देखरेख में रखी गई बच्ची को गुरुवार रात को अवैध तरीके से बरेली की एक महिला को गोद दे दिया गया था। शुक्रवार सुबह जिला बाल संरक्षण इकाई की सदस्य रूबी पाल सीएचसी पहुंचीं। उन्होंने बच्ची के बारे में जानकारी की तो स्टाफ टालमटोल करने लगा। तालग्राम पुलिस के कार्रवाई की चेतावनी देने पर स्टाफ ने हकीकत बयां की थी। बताया था कि सीएचसी के एक कर्मचारी ने फर्रुखाबाद के एक नर्सिंग होम संचालक के साथ मिलकर बरेली की महिला को बच्ची गोद दे दी। मामला बढ़ता देख पिता के हाथ बच्ची को सीएचसी भिजवा दिया गया। बच्ची अब एसएनसीयू वार्ड में भर्ती है।
केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण तक पहुंचा मामला
तालग्राम सीएचसी से बच्ची को अवैध तरीके से गोद देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कानपुर की चाइल्ड लाइन सोसाइटी के अध्यक्ष कमलकांत तिवारी ने केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) नई दिल्ली को अमर उजाला में प्रकाशित खबरों के साथ पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। अध्यक्ष कमलकांत तिवारी की ओर से भेजे गए पत्र में पूरे मामले का हवाला देते हुए कहा गया है कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) की धारा 68सी के तहत बच्चों को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के अनुसार कानूनी रूप से गोद लिया जा सकता है। धारा 80 के तहत कोई भी व्यक्ति या संगठन नियमों की अनदेखी कर बच्चे को गोद देता या जो लेता है, दोनों दोषी होते हैं। इन्हें तीन साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने या फिर दोनों से दंडित किया जा सकता है। अध्यक्ष कमलकांत तिवारी ने कहा है कि इस मामले की जांच कराते हुए गैर कानूनी गोद लेने व देने के साथ किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत उचित कार्रवाई की जाए। कार्रवाई से उन्हें अवगत भी कराया जाए।
सीएमओ ने तीन दिन में मांगी पूरे मामले की रिपोर्ट
नवजात के मामले में सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने सख्त रुख दिखाते हुए तालग्राम सीएचसी के एमओआईसी डॉ. उमेश चंद्र वर्मा से जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। सीएमओ का कहना है कि सीएचसी से बच्ची के लापता होने और उसके गैरकानूनी तरीके से गोद देने का मामला बड़ा है। इसकी जांच कराकर तह तक पहुंचा जाएगा। दोषियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। उधर, एमओआईसी ने कहा कि जांच के लिए लिखित आदेश नहीं मिले हैं। आदेश मिलते ही जांच शुरू की जाएगी। फिलहाल वह अपने स्तर से पता लगा रहे हैं कि आखिर इस पूरे प्रकरण में दोषी कौन है, और चूक किस स्तर से हुई।
ईमानदारी से हुई जांच तो फंस सकते हैं कई
एमओआईसी की ओर से ईमानदारी के साथ जांच की जाती है तो सीएचसी तालग्राम के कई लोग फंस सकते हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के अलावा मुकदमा तक दर्ज कराया जा सकता है। बच्ची के जन्म के दिन यानी गुरुवार को सीएचसी की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. इरशाद का कहना है कि नवजात को मां-बाप छोड़कर चले गए। वह नर्स की जिम्मेदारी में थी। दूसरे दिन गुरुवार को वह ड्यूटी पर नहीं थे। तब बच्ची को किसे दिया गया, स्टाफ ने क्या खेल खेला, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
डीएम ने दिए बच्ची की नियमित मानीटरिंग के निर्देश
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप को बच्ची की नियमित मानीटरिंग के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि पूरा प्रकरण बेहद गंभीर है। जांच कराई जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएमओ को बच्ची के नियमित मानीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। बच्ची को माता-पिता को सौंपा जाएगा तो उसके बाद भी कुछ दिनों तक मानीटरिंग कराई जाएगी। अगर बच्ची की परवरिश में लापरवाही सामने आती है तो अन्य विकल्पों पर गौर किया जाएगा।

घटता लिंग अनुपात चिंता का विषय
सीएचसी में एक माह में नवजात बच्चों के लिंग अनुपात में बड़ा अंतर मिला है। यह चिंता का विषय बना हुआ है। जच्चा-बच्चा वार्ड में जनवरी माह में 54 प्रसव हुए। इनमें 34 लड़के व 20 बेटियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed