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मुर्गी पालन से आत्मनिर्भर बनाएगा पशु पालन विभाग
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तालग्राम(कन्नौज)। अंडा उत्पादन और गरीबी उन्मूलन के लिहाज से पशु पालन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। महकमा लॉकडाउन में घर लौटे कामगारों को मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भर बनाएगा। पशु पालन विभाग की ओर से प्रवासियों को देशी मुर्गी मुफ्त में दी जाएंगी। सरल ढंग से पालन करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
राज्य सरकार की रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री डेवलपमेंट योजना के तहत जिले के 200 प्रवासी कामगारों को 50-50 देशी प्रजापति की मुर्गी दी जाएंगी। पशु पालन विभाग निरीक्षण कर घर में मिनी पोल्ट्री फार्म की स्थापना कराएगा। मुर्गी पालन के लिए कामगारों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह भी निशुल्क होगा। प्रशिक्षण के बाद मुर्गी दी जाएंगी। पशु पालन विभाग मुर्गी दाना भी मुफ्त में मुहैया कराएगा। इससे कि अंडा उत्पाद के साथ प्रवासी कामगार आत्मनिर्भर बन सकें। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों और अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों को पशुपालन विभाग की ओर से आत्मनिर्भरता के लिए मुर्गी पालन कराया जाएगा। मुर्गियों के लिए घर बनाने का पैसा लाभार्थियों के खाते में भेजा जाएगा। मुर्गियाें के बीमार होने पर चिकित्सकों की टीम निशुल्क उपचार करेगी।
प्रधान और सचिव बनाएंगे सूची
ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को लाभार्थियों के चयन का अधिकार दिया गया है। वह अपनी पंचायत से गरीब, बेरोजगारों की सूची बना कर सौंपेंगे। इसके बाद पशु पालन विभाग देशी मुर्गी उपलब्ध कराएगा।
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राज्य सरकार की रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री डेवलपमेंट योजना के तहत जिले के 200 प्रवासी कामगारों को 50-50 देशी प्रजापति की मुर्गी दी जाएंगी। पशु पालन विभाग निरीक्षण कर घर में मिनी पोल्ट्री फार्म की स्थापना कराएगा। मुर्गी पालन के लिए कामगारों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह भी निशुल्क होगा। प्रशिक्षण के बाद मुर्गी दी जाएंगी। पशु पालन विभाग मुर्गी दाना भी मुफ्त में मुहैया कराएगा। इससे कि अंडा उत्पाद के साथ प्रवासी कामगार आत्मनिर्भर बन सकें। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों और अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों को पशुपालन विभाग की ओर से आत्मनिर्भरता के लिए मुर्गी पालन कराया जाएगा। मुर्गियों के लिए घर बनाने का पैसा लाभार्थियों के खाते में भेजा जाएगा। मुर्गियाें के बीमार होने पर चिकित्सकों की टीम निशुल्क उपचार करेगी।
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प्रधान और सचिव बनाएंगे सूची
ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को लाभार्थियों के चयन का अधिकार दिया गया है। वह अपनी पंचायत से गरीब, बेरोजगारों की सूची बना कर सौंपेंगे। इसके बाद पशु पालन विभाग देशी मुर्गी उपलब्ध कराएगा।
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