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कार्य बहिष्कार कर बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर 25 नवंबर से असहयोग आंदोलन की चेतावनी

Mon, 15 Nov 2021 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 11:54 PM IST
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Memorandum submitted to BDO by boycotting work, warning of non-cooperation movement from November 25 if demands are not met
बीडीओ को ज्ञापन सौंपते अखिल भारतीय प्रधान संगठन के पदाधिकारी। - फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया। चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रधान संगठन 25 नवंबर से असहयोग आंदोलन करेगा।
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संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत यादव व जिला संयोजक ओपी तिवारी के नेतृत्व में बीडीओ मनोज कुमार चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि संगठन ने 28 अक्तूबर को रमाबाई आंबेडकर मैदान में 40 हजार से अधिक प्रधानों की महारैली के माध्यम से मांगें रखी थीं। क्रियान्वयन के लिए सरकार को 15 दिन का समय दिया गया था। अभी तक मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मांगों को नहीं माना गया तो 25 नवंबर से पूरे प्रदेश में असहयोग आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान कुसुमा, दलवीर सिंह, नेहा सिंह, राजवती, धन देवी, रामप्रकाश, पवन, हुकुम सिंह, कमलेश कुमार, सितारा, प्रदीप कुमार व सीमा देवी सहित कई प्रधान मौजूद रहे।
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तेराजाकेट प्रतिनिधि के अनुसार अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मांगों को लेकर प्रभारी बीडीओ मुनीष गौड़ को ज्ञापन सौंपा। इसमें असहयोग आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान डॉ. रामनिवास वर्मा, अहिबरन सिंह, विकास कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, देशराज, विपिन तिवारी, रामलखन व दिनेश वर्मा सहित कई प्रधान मौजूद रहे।
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ये हैं संगठन की मांगें
प्रधान संगठन की ओर से मांग पत्र में वर्ष 1993 में पारित 73वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत उनसे जुड़े अधिकार कोष कार्य और पंचायत कर्मियों को पंचायतों को सौंप कर सत्ता विक्रेंद्रीकरण की आदर्श व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। कहा गया कि सहायक सचिव, शौचालय केयरटेकर के मानदेय की व्यवस्था राज्य सरकार की ओर से की जाए। पंचायत से जुड़े राजस्व कर्मी, पंचायत कर्मी, आंगनबाड़ी, राश कोटेदार व सरकारी स्कूल के अध्यापक की उपस्थिति प्रमाणन, निलंबन की संस्तुति सहित सभी मामलों में पंचायतों को पूर्ण अधिकार दिया जाए। इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस जारी करने, जिला योजना समिति में प्रतिनिधित्व, दस लाख रुपये तक के एस्टीमेट पास करने की मांग की गई।
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