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कुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में कराया भर्ती
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Malnourished child admitted to nutrition rehabilitation center
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। फोन पर मिली सूचना के बाद कुपोषित बच्चे को डाक्टर ने जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। अब उसे पोषण के साथ इलाज भी दिया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम ए जलालाबाद के डा. वरुण सिंह कटियार के पास फोन आया कि पूनम जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र के बछज्जापुर की है। उसका डेढ़ वर्ष का बच्चा विनीत कमजोर है। इस पर चिकित्सक उसके गांव पहुंचे और बच्चे के संबंध में जानकारी लेने के बाद बच्चे को देखा। चिकित्सक ने पाया कि बच्चा बहुत ही कमजोर है। वह महिला को बच्चे समेत जिला अस्पताल लाए।
सबसे पहले उन्होंने जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र के कुपोषण वार्ड में बच्चे की जांच कराई। इसमें पाया कि बच्चा डेढ़ साल का हो चुका है। इसका वजन छह किलो 500 ग्राम ही है। लंबाई 72 सेंटीमीटर है, जो मानक से कम है। बताया कि इस उम्र में बच्चे का वजन आठ किलो 900 ग्राम होना चाहिए था।
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इस पर उसे कु पोषित घोषित करते हुए भर्ती कर लिया गया। बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे का 14 दिन तक नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। इससे बच्चा कुपोषित की श्रेणी से बाहर आ जाएगा। डॉ. वरुण कटियार ने बताया कि उन्होंने पूनम के एक अन्य अति कुपोषित बच्चे का इलाज कराया था।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम ए जलालाबाद के डा. वरुण सिंह कटियार के पास फोन आया कि पूनम जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र के बछज्जापुर की है। उसका डेढ़ वर्ष का बच्चा विनीत कमजोर है। इस पर चिकित्सक उसके गांव पहुंचे और बच्चे के संबंध में जानकारी लेने के बाद बच्चे को देखा। चिकित्सक ने पाया कि बच्चा बहुत ही कमजोर है। वह महिला को बच्चे समेत जिला अस्पताल लाए।
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सबसे पहले उन्होंने जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र के कुपोषण वार्ड में बच्चे की जांच कराई। इसमें पाया कि बच्चा डेढ़ साल का हो चुका है। इसका वजन छह किलो 500 ग्राम ही है। लंबाई 72 सेंटीमीटर है, जो मानक से कम है। बताया कि इस उम्र में बच्चे का वजन आठ किलो 900 ग्राम होना चाहिए था।
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इस पर उसे कु पोषित घोषित करते हुए भर्ती कर लिया गया। बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे का 14 दिन तक नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। इससे बच्चा कुपोषित की श्रेणी से बाहर आ जाएगा। डॉ. वरुण कटियार ने बताया कि उन्होंने पूनम के एक अन्य अति कुपोषित बच्चे का इलाज कराया था।