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महिला किसान ने बदली सोच, दिखाया तरक्की का रास्ता
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खेत में शिमला मिर्च की खेती।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जलालाबाद ब्लाक के किशवापुर की मंजू देवी परंपरागत खेती छोड़ केले की बागवानी संग शिमला मिर्च व टमाटर की पैदावार कर अन्य महिलाओं व किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। दो दिन पहले लखनऊ में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मंजू देवी को प्रशस्ति पत्र व 50 हजार रुपये की चेक देकर सम्मानित किया।
जलालाबाद ब्लाक के किशवापुर की मंजू देवी के पति विवेक कुमार कटियार आलू, मक्का व सरसों की पारंपरिक खेती करते थे। इसमें परिवार का भरण पोषण मुश्किल से हो पाता था। ऐसे में मंजू देवी ने घर से बाहर निकलकर कुछ अलग करने की ठानी। मंजू देवी के भतीजे सचिन कटियार की बहराइच निवासी मोहम्मद अजमल से मुलाकात हुई। वह अपने क्षेत्र में 10 हेक्टेयर में केले की बागवानी कर रहे थे। उन्होंने सचिन को इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया। सचिन ने मंजू को जानकारी दी। इस पर मंजू ने भी बागवानी करने का निर्णय ले लिया। उन्होंने 15 जुलाई 2019 में 2.6 हेक्टेयर में केले की बागवानी की। बागवानी के साथ ही खेत में खाली जगह का बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने के लिए सब्जी करने का फैसला लिया। एक हेक्टेयर में शिमला व इतने ही रकबे में टमाटर की खेती की।
मंजू देवी के इस कार्य की विभागीय अफसरों समेत अन्य ने सराहना की। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर लखनऊ स्तर से उद्यमी किसानों के नाम मांगे गए। इसमें मंजू देवी को बागवानी संग सब्जी की खेती को बढ़ावा देने पर लिए चुना गया। मंजू देवी अपनी लगन और मेहनत से किसानों और अन्य महिलाओं के लिए नजीर बन गई हैं। मंजू देवी के अलावा घर में पति समेत दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। उनके इस साहसिक कार्य में उनके भतीजे सचिन कटियार का अहम रोल रहा है।
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फसलों पर कुल आई लागत
केले की बागवानी: करीब तीन लाख रुपये।
शिमला मिर्च की खेती: एक लाख रुपये।
टमाटर की खेती: 40 हजार रुपये।
ड्रिप सिंचाई पर 2.56 लाख का मिला अनुदान
जिला उद्यान विभाग ने प्रगतिशील किसान मंजू देवी को केले की बागवानी में ड्रिप सिंचाई के लिए प्रेरित किया। इससे कि कम पानी में अच्छी पैदावार हो सके। मंजू देवी को तीन लाख में 80 फीसदी अनुदान दिया गया। विभाग ने ड्रिप सिंचाई पर 2.56 लाख रुपये का अनुदान दिया है।
आने वाले समय में मिलेगा मुनाफा
मंजू देवी का बागवानी व सब्जी की खेती में साथ देने वाले भतीजे सचिन कटियार ने बताया कि 15 जुलाई को केले की बागवानी की थी। एक साल बाद फल आने लगेंगे। शिमला मिर्च लगभग तैयार हो चुकी है। टमाटर की फसल में अभी समय लगेगा। वह अभी तक 10 हजार की शिमला मिर्च बेच चुके हैं। आने वाले समय में इसका फायदा दिखाई देगा।
गौरवान्वित महसूस कर रहीं मंजू देवी
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने दो दिन पहले मंजू देवी को प्रगतिशील किसान होने पर लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया। बताया कि वह मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं समेत अन्य किसानों से परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी व अन्य फसलों को वरीयता देने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि इससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा ले सकते हैं।
किशवापुर की मंजू देवी ने परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी व सब्जी की खेती को बढ़ावा दिया। आने वाले समय में यह फसलें उसके लिए फायदेमंद साबित होंगी। बेहतर कार्य पर उन्हें प्रदेश स्तर पर इनाम मिला है। ड्रिप सिंचाई के लिए विभाग ने अनुदान दिया है। वह अन्य किसानों के लिए नजीर हैं।
मनोज कुमार चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी।
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जलालाबाद ब्लाक के किशवापुर की मंजू देवी के पति विवेक कुमार कटियार आलू, मक्का व सरसों की पारंपरिक खेती करते थे। इसमें परिवार का भरण पोषण मुश्किल से हो पाता था। ऐसे में मंजू देवी ने घर से बाहर निकलकर कुछ अलग करने की ठानी। मंजू देवी के भतीजे सचिन कटियार की बहराइच निवासी मोहम्मद अजमल से मुलाकात हुई। वह अपने क्षेत्र में 10 हेक्टेयर में केले की बागवानी कर रहे थे। उन्होंने सचिन को इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया। सचिन ने मंजू को जानकारी दी। इस पर मंजू ने भी बागवानी करने का निर्णय ले लिया। उन्होंने 15 जुलाई 2019 में 2.6 हेक्टेयर में केले की बागवानी की। बागवानी के साथ ही खेत में खाली जगह का बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने के लिए सब्जी करने का फैसला लिया। एक हेक्टेयर में शिमला व इतने ही रकबे में टमाटर की खेती की।
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मंजू देवी के इस कार्य की विभागीय अफसरों समेत अन्य ने सराहना की। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर लखनऊ स्तर से उद्यमी किसानों के नाम मांगे गए। इसमें मंजू देवी को बागवानी संग सब्जी की खेती को बढ़ावा देने पर लिए चुना गया। मंजू देवी अपनी लगन और मेहनत से किसानों और अन्य महिलाओं के लिए नजीर बन गई हैं। मंजू देवी के अलावा घर में पति समेत दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। उनके इस साहसिक कार्य में उनके भतीजे सचिन कटियार का अहम रोल रहा है।
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फसलों पर कुल आई लागत
केले की बागवानी: करीब तीन लाख रुपये।
शिमला मिर्च की खेती: एक लाख रुपये।
टमाटर की खेती: 40 हजार रुपये।
ड्रिप सिंचाई पर 2.56 लाख का मिला अनुदान
जिला उद्यान विभाग ने प्रगतिशील किसान मंजू देवी को केले की बागवानी में ड्रिप सिंचाई के लिए प्रेरित किया। इससे कि कम पानी में अच्छी पैदावार हो सके। मंजू देवी को तीन लाख में 80 फीसदी अनुदान दिया गया। विभाग ने ड्रिप सिंचाई पर 2.56 लाख रुपये का अनुदान दिया है।
आने वाले समय में मिलेगा मुनाफा
मंजू देवी का बागवानी व सब्जी की खेती में साथ देने वाले भतीजे सचिन कटियार ने बताया कि 15 जुलाई को केले की बागवानी की थी। एक साल बाद फल आने लगेंगे। शिमला मिर्च लगभग तैयार हो चुकी है। टमाटर की फसल में अभी समय लगेगा। वह अभी तक 10 हजार की शिमला मिर्च बेच चुके हैं। आने वाले समय में इसका फायदा दिखाई देगा।
गौरवान्वित महसूस कर रहीं मंजू देवी
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने दो दिन पहले मंजू देवी को प्रगतिशील किसान होने पर लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया। बताया कि वह मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं समेत अन्य किसानों से परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी व अन्य फसलों को वरीयता देने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि इससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा ले सकते हैं।
किशवापुर की मंजू देवी ने परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी व सब्जी की खेती को बढ़ावा दिया। आने वाले समय में यह फसलें उसके लिए फायदेमंद साबित होंगी। बेहतर कार्य पर उन्हें प्रदेश स्तर पर इनाम मिला है। ड्रिप सिंचाई के लिए विभाग ने अनुदान दिया है। वह अन्य किसानों के लिए नजीर हैं।
मनोज कुमार चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी।