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एक घंटे बंद रहीं जीवन रक्षक मशीनें
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कन्नौज। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती पांच नवजात की जिंदगी से शुक्रवार रात खिलवाड़ किया गया। बिजली जाने पर करीब एक घंटे तक जनरेटर नहीं चलवाया गया। इससे जीवन रक्षक उपकरण (मशीनें) बंद रहीं। जब बिजली नहीं आई तक कर्मचारियों ने फोन करके जनरेटर चलावाया। अन्य वार्डों में भी अंधेरा होने से दिक्कत हुई।
25 फरवरी की रात एकाएक मौसम बदल गया। तेज हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी होने लगी। इससे रात करीब एक बजे जिला अस्पताल की बिजली भी गुल हो गई। इससे इससे ज्यादातर वार्डों में अंधेरा छा गया। एसएनसीयू वार्ड की मशीनें भी बंद हो गईं। करीब घंटे तक जनरेटर नहीं चलाया गया। मशीनें बंद होने से गंभीर हालत में भर्ती पांच मासूमों की जिंदगी पर खतरा मंडराता रहा। एक घंटे बाद एसएनसीयू वार्ड में तैनात कर्मियों ने फोन करके जनरेटर चलवाया।
उधर, प्रसूताओं के वार्डों में अंधेरा छा गया। नवजात की देखभाल कर रहीं माताओं और परिजनों ने मोबाइल से टार्च जलाई, तब कुछ रोशनी हुई। प्रभारी चिकित्सक डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि लाइट कटने के जानकारी उन्हें किसी कर्मचारी या फिर मरीज ने नहीं दी है।
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25 फरवरी की रात एकाएक मौसम बदल गया। तेज हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी होने लगी। इससे रात करीब एक बजे जिला अस्पताल की बिजली भी गुल हो गई। इससे इससे ज्यादातर वार्डों में अंधेरा छा गया। एसएनसीयू वार्ड की मशीनें भी बंद हो गईं। करीब घंटे तक जनरेटर नहीं चलाया गया। मशीनें बंद होने से गंभीर हालत में भर्ती पांच मासूमों की जिंदगी पर खतरा मंडराता रहा। एक घंटे बाद एसएनसीयू वार्ड में तैनात कर्मियों ने फोन करके जनरेटर चलवाया।
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उधर, प्रसूताओं के वार्डों में अंधेरा छा गया। नवजात की देखभाल कर रहीं माताओं और परिजनों ने मोबाइल से टार्च जलाई, तब कुछ रोशनी हुई। प्रभारी चिकित्सक डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि लाइट कटने के जानकारी उन्हें किसी कर्मचारी या फिर मरीज ने नहीं दी है।
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