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Kannauj News: आजीवन कारावास के कैदी की हालत बिगड़ी, मौत
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जलालाबाद (कन्नौज)। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की शुक्रवार का कारागार में तबीयत बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार न आने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा भेजा गया। वहां इलाज के दौरान कैदी ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना परिजनों को दी गई है। जेल प्रशासन ने पहले से बीमार होने की बात कही है।
कानपुर देहात के थाना रूरा के जिनई गांव निवासी 71 वर्षीय विजय शंकर उर्फ धुन्नी तिवारी को जिला मजिस्ट्रेट, जनपद-कानपुर देहात के आदेश पर नौ फरवरी 2024 को माती जेल से अनौगी जेल में भेजा गया था। कारागार में जेल दाखिला के समय से ही कैदी कमजोर था। वृद्धावस्था की बीमारियों से परेशान था। बंदी के पैर, हाथ, कंधे में गोली के छर्रे लगे होने के कारण इलाज जेल चिकित्सालय व मेडिकल कालेज तिर्वा में चल रहा था। कई बार जेल अस्पताल में भर्ती रखकर बंदी को इलाज व चिकित्सीय सुविधा दी गई।
12 जून को कमजोरी, चक्कर आने व दस्त की शिकायत पर विजय शंकर को जेल अस्पताल में भर्ती किया गया। अगले दिन अचानक तबीयत खराब हो गई। जेल अस्पताल में इलाज से लाभ न मिलने पर विजय शंकर तिवारी को फार्मासिस्ट रामबिहारी की देखरेख मे मेडिकल कालेज तिर्वा भेजा गया, जहां ईसीजी के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
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जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का कहना है कि विजय शंकर शुरू से ही बीमार व कमजोर था। जेल अस्पताल में मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। गुरुवार की शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल अस्पताल में इलाज से हालत में सुधार नहीं हुआ, तब शुक्रवार सुबह मेडिकल कॉलेज तिर्वा भेजा गया। वहां इलाज के दैरान उसकी मौत हो गई। पुलिस द्वारा पोस्टमाॅर्टम करवा आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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कानपुर देहात के थाना रूरा के जिनई गांव निवासी 71 वर्षीय विजय शंकर उर्फ धुन्नी तिवारी को जिला मजिस्ट्रेट, जनपद-कानपुर देहात के आदेश पर नौ फरवरी 2024 को माती जेल से अनौगी जेल में भेजा गया था। कारागार में जेल दाखिला के समय से ही कैदी कमजोर था। वृद्धावस्था की बीमारियों से परेशान था। बंदी के पैर, हाथ, कंधे में गोली के छर्रे लगे होने के कारण इलाज जेल चिकित्सालय व मेडिकल कालेज तिर्वा में चल रहा था। कई बार जेल अस्पताल में भर्ती रखकर बंदी को इलाज व चिकित्सीय सुविधा दी गई।
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12 जून को कमजोरी, चक्कर आने व दस्त की शिकायत पर विजय शंकर को जेल अस्पताल में भर्ती किया गया। अगले दिन अचानक तबीयत खराब हो गई। जेल अस्पताल में इलाज से लाभ न मिलने पर विजय शंकर तिवारी को फार्मासिस्ट रामबिहारी की देखरेख मे मेडिकल कालेज तिर्वा भेजा गया, जहां ईसीजी के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
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जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का कहना है कि विजय शंकर शुरू से ही बीमार व कमजोर था। जेल अस्पताल में मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। गुरुवार की शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल अस्पताल में इलाज से हालत में सुधार नहीं हुआ, तब शुक्रवार सुबह मेडिकल कॉलेज तिर्वा भेजा गया। वहां इलाज के दैरान उसकी मौत हो गई। पुलिस द्वारा पोस्टमाॅर्टम करवा आगे की कार्रवाई की जा रही है।