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कन्नौजः महिला अस्पताल में भर्ती महिला को जिला अस्पताल भेजा
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कन्नौज में छिबरामऊ के महिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल की महिला विंग में रेफर कर दिया गया। महिला ने एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। जिला अस्पताल में उपचार न मिलने पर मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और ब्लड चढ़वाने के लिए रुपये मांगने का आरोप लगाकर हंगामा काटा। बाद में परिजन शव लेकर घर चले गए।
छिबरामऊ कस्बे के मोहल्ला जेरकिला निवासी रेखा (26) पत्नी राम रतन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिला अस्पताल ले गए। यहां कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। बाद में प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस के लिए राम रतन ने कई बार फोन लगाया। वह एक घंटे के बाद आई। परिजन रेखा को लेकर जिला अस्पताल के लिए निकले। रास्ते में प्रसव हो गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर कर्मचारियों ने हालत गंभीर देख भर्ती करने से मना कर दिया।
बाद में भर्ती तो किया लेकिन खून की कमी बता कर रुपयों की मांग कर दी। उपचार के अभाव में महिला ने दम तोड़ दिया। इससे नाराज परिजन हंगामा करने लगे। जानकारी पर पहुंचे सीएमएस ने बच्चे को भर्ती कराया। परिजन महिला के शव व बच्चे को लेकर घर चले गए। राम रतन का कहना था कि जिला अस्पताल में लापरवाही बरती गई।
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अस्पताल में महिला डॉक्टर होतीं और समय पर ब्लड चढ़ाया गया होता तो जान बच जाती। वहीं सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल में लापरवाही बरती गई है। यदि गंभीर केस था तो तत्काल डाक्टर को बुलाना चाहिए था। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांग कर कार्रवाई की जाएगी।
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छिबरामऊ कस्बे के मोहल्ला जेरकिला निवासी रेखा (26) पत्नी राम रतन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिला अस्पताल ले गए। यहां कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। बाद में प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस के लिए राम रतन ने कई बार फोन लगाया। वह एक घंटे के बाद आई। परिजन रेखा को लेकर जिला अस्पताल के लिए निकले। रास्ते में प्रसव हो गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर कर्मचारियों ने हालत गंभीर देख भर्ती करने से मना कर दिया।
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बाद में भर्ती तो किया लेकिन खून की कमी बता कर रुपयों की मांग कर दी। उपचार के अभाव में महिला ने दम तोड़ दिया। इससे नाराज परिजन हंगामा करने लगे। जानकारी पर पहुंचे सीएमएस ने बच्चे को भर्ती कराया। परिजन महिला के शव व बच्चे को लेकर घर चले गए। राम रतन का कहना था कि जिला अस्पताल में लापरवाही बरती गई।
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अस्पताल में महिला डॉक्टर होतीं और समय पर ब्लड चढ़ाया गया होता तो जान बच जाती। वहीं सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल में लापरवाही बरती गई है। यदि गंभीर केस था तो तत्काल डाक्टर को बुलाना चाहिए था। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांग कर कार्रवाई की जाएगी।