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Kannauj News: अंधकार को मिटाने के लिए होती है ज्ञान की आवश्यकता
Fri, 01 Mar 2024 12:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Fri, 01 Mar 2024 12:50 AM IST
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जलालाबाद। भगवान की सब से बड़ी कृपा यही है कि मानव जीवन और परिवार दिया। ऐसी बुद्धि दी जो कि भगवान में लग सके लेकिन कलयुग का मनुष्य भगवान के अलावा सब को मनाने का कार्य कर रहा है। हर एक मनुष्य की केवल एक ही चेष्टा होनी चाहिए कि यह देश हमेशा अखंड बना रहे। यह प्रवचन श्रीराम कथा में आचार्य घनश्याम पांडेय ने कहे।
जलेसर के याज्ञवल्क्य आश्रम पर चल रही श्रीराम कथा के पांचवे दिन आचार्य घनश्याम पांडेय भगवान श्रीराम की कई लीलाओं का रसपान करवाते हुए कहा कि जो मानव अपनी संस्कृति का अपमान करते हैं वह अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए नर्क के द्वार खोल देते हैं। मनुष्य को अपने अंदर के अंधकार को मिटाने के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है और वह ज्ञान मनुष्य को कथा से प्राप्त होता है। जब मनुष्य में प्रेम अधिक हो जाता है तब पत्थर में भी भगवान उत्पन्न हो जाते हैं और जब हमारे धर्म के मन्त्रों के उच्चारण होते हैं तब धर्म में अग्नि उत्पन्न हो जाती है।
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जलेसर के याज्ञवल्क्य आश्रम पर चल रही श्रीराम कथा के पांचवे दिन आचार्य घनश्याम पांडेय भगवान श्रीराम की कई लीलाओं का रसपान करवाते हुए कहा कि जो मानव अपनी संस्कृति का अपमान करते हैं वह अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए नर्क के द्वार खोल देते हैं। मनुष्य को अपने अंदर के अंधकार को मिटाने के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है और वह ज्ञान मनुष्य को कथा से प्राप्त होता है। जब मनुष्य में प्रेम अधिक हो जाता है तब पत्थर में भी भगवान उत्पन्न हो जाते हैं और जब हमारे धर्म के मन्त्रों के उच्चारण होते हैं तब धर्म में अग्नि उत्पन्न हो जाती है।
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