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किशोरी को जलाने की कोशिश में सात साल कैद
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कन्नौज। घर में अकेली किशोरी से दुष्कर्म करने में असफल रहने पर उसे जिंदा जलाने की कोशिश करने वाले युवक को सात साल कैद की सजा सुनाई गई। साक्ष्य न मिलने और गवाहों के बयान के आधार पर एक आरोपी को बरी कर दिया गया।
गुरसहायगंज कोतवाली के एक गांव में 28 अप्रैल की रात आठ बजे 14 वर्षीय किशोरी घर में अकेली थी। तभी डुडवा बुजुर्ग निवासी सद्दाम ने घर में घुसकर दबोच लिया। सद्दाम ने किशोरी से छेड़खानी कर दुष्कर्म का प्रयास किया। किशोरी के विरोध करने पर सद्दाम ने केरोसिन उड़ेल कर जिंदा जलाने के लिए आग लगा दी। चीख पुकार पर पहुंचे परिजनों ने आग बुझाकर किशोरी को बचा लिया। पीड़िता की मां ने सद्दाम और तहसीन उर्फ तहसीम के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सोमवार को एडीजे शिवकुमार तिवारी ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान सात गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर सद्दाम को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई। 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि जुर्माना जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा सुनाई गई। वहीं तहसीन उर्फ तहसीम के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया।
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गुरसहायगंज कोतवाली के एक गांव में 28 अप्रैल की रात आठ बजे 14 वर्षीय किशोरी घर में अकेली थी। तभी डुडवा बुजुर्ग निवासी सद्दाम ने घर में घुसकर दबोच लिया। सद्दाम ने किशोरी से छेड़खानी कर दुष्कर्म का प्रयास किया। किशोरी के विरोध करने पर सद्दाम ने केरोसिन उड़ेल कर जिंदा जलाने के लिए आग लगा दी। चीख पुकार पर पहुंचे परिजनों ने आग बुझाकर किशोरी को बचा लिया। पीड़िता की मां ने सद्दाम और तहसीन उर्फ तहसीम के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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सोमवार को एडीजे शिवकुमार तिवारी ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान सात गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर सद्दाम को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई। 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि जुर्माना जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा सुनाई गई। वहीं तहसीन उर्फ तहसीम के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया।
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