{"_id":"5da768d78ebc3e01376aa834","slug":"karavaachauth-garbh-ke-dauraan-na-rakhen-nirjala-vrat-kannauj-news-knp520171092","type":"story","status":"publish","title_hn":"करवाचौथ: गर्भ के दौरान न रखें निर्जला व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करवाचौथ: गर्भ के दौरान न रखें निर्जला व्रत
विज्ञापन
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि गोयल।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों ने निर्जला व्रत न रखने की सलाह दी है। चिकित्सक के मुताबिक गर्भस्थ शिशु के लिए हर दो घंटे में पौष्टिक आहार की जरूरत होती है।
जिला अस्पताल में तैनात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि गोयल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत रखना ठीक नहीं होगा। निर्जला व्रत तो बिल्कुल भी न रखें। गर्भावस्था के आठवें और नवमें महीने वाली महिलाओं और पेट में पल रहे शिशु के लिए निर्जला व्रत घातक साबित हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को हर दो घंटे के अंतराल पर कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। उनके साथ ही गर्भस्थ शिशु को भी पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। निर्जला व्रत से डीहाइड्रेशन और पूरे दिन खाना न खाने से हाइपोग्लाइसिमिक शुगर का स्तर गिरता है। इससे गर्भस्थ शिशु को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
व्रत से पहले ऐसा भोजन करें जो ज्यादा समय तक पेट में रहे। उसका जल्दी पाचन न हो।
- खाएं नहीं, लेकिन जूस सहित तरल पदार्थों का सेवन करती रहें। इसे पानी की कमी नहीं होगी।
- परिवार में खुशी का माहौल रखें। काम करने के बजाय आराम करें तो बेहतर होगा
- हाइपरटेंशन और मधुमेह की रोगी महिलाएं व्रत न रखें। ब्लड प्रेशर बढ़ने से दौरा पड़ सकता है।
- मल्टी विटामिन का सेवन जारी रखें। ऐसे फलों का सेवन ज्यादा न करें, जिनमें शुगर हो। चाय या काफी का सेवन न करें।
- व्रत के दौरान अधिक से अधिक आराम करें।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में तैनात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि गोयल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत रखना ठीक नहीं होगा। निर्जला व्रत तो बिल्कुल भी न रखें। गर्भावस्था के आठवें और नवमें महीने वाली महिलाओं और पेट में पल रहे शिशु के लिए निर्जला व्रत घातक साबित हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को हर दो घंटे के अंतराल पर कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। उनके साथ ही गर्भस्थ शिशु को भी पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। निर्जला व्रत से डीहाइड्रेशन और पूरे दिन खाना न खाने से हाइपोग्लाइसिमिक शुगर का स्तर गिरता है। इससे गर्भस्थ शिशु को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है।
विज्ञापन
इन बातों का रखें ध्यान
व्रत से पहले ऐसा भोजन करें जो ज्यादा समय तक पेट में रहे। उसका जल्दी पाचन न हो।
- खाएं नहीं, लेकिन जूस सहित तरल पदार्थों का सेवन करती रहें। इसे पानी की कमी नहीं होगी।
- परिवार में खुशी का माहौल रखें। काम करने के बजाय आराम करें तो बेहतर होगा
- हाइपरटेंशन और मधुमेह की रोगी महिलाएं व्रत न रखें। ब्लड प्रेशर बढ़ने से दौरा पड़ सकता है।
- मल्टी विटामिन का सेवन जारी रखें। ऐसे फलों का सेवन ज्यादा न करें, जिनमें शुगर हो। चाय या काफी का सेवन न करें।
- व्रत के दौरान अधिक से अधिक आराम करें।