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कन्नौज: फसलों मेंं नुकसान देख किसान ने फांसी लगा ली, अगले माह बेटे की होनी थी शादी
Sat, 23 Oct 2021 09:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 23 Oct 2021 09:18 PM IST
सार
फसल के भरोसे बेटी की शादी के सपने सजाये एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। अगले महीने बेटे की शादी होनी थी। परिजनों का कहना है कि फसलों में नुकसान देख उसने ऐसा कदम उठा लिया।
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खेत पर किसान की फसल देखते एसडीएम राकेश कुमार एवं मृतक किसान
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कन्नौज के इंदरगढ़ के सगरा गांव में एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि फसलों में नुकसान देख उसने ऐसा कदम उठा लिया। अगले महीने बेटे की शादी होनी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने परिजनों को धैर्य बंधाते हुए खेतों पर जाकर खराब फसलों का निरीक्षण भी किया।
थाना इंदरगढ़ के सगरा गाव निवासी नन्हेंलाल (55) अपनी पत्नी सुनीता, बेटे अजय व सिद्धनाथ के साथ रहते थे। करीब 13 बीघे कृषि भूमि है। दस बीघे में धान और तीन बीघे भूमि मेंं आलू की फसल बोई थी। परिजनों ने बताया कि आलू का बीज सही न होने कारण नन्हेंलाल ने तीन बार जुताई कर आलू की फसल बोई। इसी बीच उसने अपने बेटे सिद्धनाथ का विवाह तय कर लिया।
27 नवंबर को तिलक व 29 नवंबर को शादी थी। शुक्रवार की रात किसान ने घर के अंदर कमरे मेंं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों में कोहराम मच गया। भाई हरिनाथ सिंह व बेटे सिद्वनाथ ने बताया कि बारिश के दौरान दोनों फसलें नष्ट हो गईं। फसलों में नुकसान के साथ शादी भी तय हो जाने की चिंता परिवार में हो गई थी।
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थाना इंदरगढ़ के सगरा गाव निवासी नन्हेंलाल (55) अपनी पत्नी सुनीता, बेटे अजय व सिद्धनाथ के साथ रहते थे। करीब 13 बीघे कृषि भूमि है। दस बीघे में धान और तीन बीघे भूमि मेंं आलू की फसल बोई थी। परिजनों ने बताया कि आलू का बीज सही न होने कारण नन्हेंलाल ने तीन बार जुताई कर आलू की फसल बोई। इसी बीच उसने अपने बेटे सिद्धनाथ का विवाह तय कर लिया।
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27 नवंबर को तिलक व 29 नवंबर को शादी थी। शुक्रवार की रात किसान ने घर के अंदर कमरे मेंं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों में कोहराम मच गया। भाई हरिनाथ सिंह व बेटे सिद्वनाथ ने बताया कि बारिश के दौरान दोनों फसलें नष्ट हो गईं। फसलों में नुकसान के साथ शादी भी तय हो जाने की चिंता परिवार में हो गई थी।
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सिद्धनाथ ने बताया कि पिता का कहना था कि धान की बिक्री कर शादी के इंतजाम कर लिए जाएंगे। अब दोनों फसल नष्ट हो जाने के बाद उसके पिता परेशान रहने लगे। इसी परेशानी के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फसलों में नुकसान के चलते किसान के फांसी लगा लेने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार त्यागी ने मृतक किसान के घर पहुंच घटना की जानकारी ली। परिजनों को धैर्य बंधाया। इसके साथ ही एसडीएम ने मृतक किसान के खेत पर जाकर फसलों में हुए नुकसान की हकीकत जानी।
एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि खेतों पर फसल का निरीक्षण किया गया। किसान की धान के साथ आलू की फसल खराब हो गई थी। फसल खराब होने से मानसिक तनाव में ऐसा कदम उठा लिया। लेखपाल को निर्देश दिए कि फसलों का सर्वे कर रिपोर्ट दें, हर संभव सरकारी मदद की जाएगी।
फसलों में नुकसान के चलते किसान के फांसी लगा लेने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार त्यागी ने मृतक किसान के घर पहुंच घटना की जानकारी ली। परिजनों को धैर्य बंधाया। इसके साथ ही एसडीएम ने मृतक किसान के खेत पर जाकर फसलों में हुए नुकसान की हकीकत जानी।
एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि खेतों पर फसल का निरीक्षण किया गया। किसान की धान के साथ आलू की फसल खराब हो गई थी। फसल खराब होने से मानसिक तनाव में ऐसा कदम उठा लिया। लेखपाल को निर्देश दिए कि फसलों का सर्वे कर रिपोर्ट दें, हर संभव सरकारी मदद की जाएगी।