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चार साल से मरीजों का इंतजार कर रहा ट्रामा सेंटर
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जिला अस्पताल में बना ट्रामा सेंटर।
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। डॉक्टरों की तैनाती न होने और सुविधाओं के अभाव में बनने के चार साल बाद भी जिला अस्पताल का ट्रामा सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। शासन से आए कुछ उपकरण भी रखे रखे खराब हो रहे हैं। भवन की निचली मंदिर पर पुलिस और ऊपर के कमरों में एंबुलेंस चालकों ने कब्जा जमा रखा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर का लोकार्पण किया गया था। जिसका निर्माण 95.40 लाख रुपये की लागत से हुआ है। बारह अप्रैल 2016 को इस का लोकार्पण होने के बाद लोगों को उम्मीद थी लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। वर्ष 2019 में तत्कालीन सीएमएस ने ट्रामा सेंटर खोलकर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. लाल सिंह को प्रभारी बनाया था। उनके जाते ही सुविधा फिर बंद हो गई। इस समय ट्रामा सेंटर में पुलिस चौकी चल रही है और ऊपर के कमरों में एंबुलेंस चालकों ने कब्जा कर लिया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. शक्ति वसु का कहना है कि ट्रामा सेंटर को चलाने के लिए मैन पॉवर की कमी है। यदि यह ये कमी पूरी हो जाए तो शुरू कर दिया जाएगा।
ट्रामा सेंटर के लिए यह स्टाफ शासन से मांगा गया है। एनस्थीसिया-02, हड्डी रोग विशेषज्ञ-02, जनरल सर्जन-02, इमरजेंसी अधिकारी 03,स्टाफ नर्स15, ओटी टेक्नीशियन-03, एक्सरे टेक्नीशियन-03, लैब टेक्नीशियन-02, नरसिंग अटेंडेंट-09 कुल 50 कर्मचारी चाहिए। इस के सापेक्ष यहां नौ मल्टी टास्क वर्कर, एक टेक्नीशियन समेत 10 कर्मचारियों की नियुक्ति हो चुकी है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर का लोकार्पण किया गया था। जिसका निर्माण 95.40 लाख रुपये की लागत से हुआ है। बारह अप्रैल 2016 को इस का लोकार्पण होने के बाद लोगों को उम्मीद थी लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। वर्ष 2019 में तत्कालीन सीएमएस ने ट्रामा सेंटर खोलकर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. लाल सिंह को प्रभारी बनाया था। उनके जाते ही सुविधा फिर बंद हो गई। इस समय ट्रामा सेंटर में पुलिस चौकी चल रही है और ऊपर के कमरों में एंबुलेंस चालकों ने कब्जा कर लिया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. शक्ति वसु का कहना है कि ट्रामा सेंटर को चलाने के लिए मैन पॉवर की कमी है। यदि यह ये कमी पूरी हो जाए तो शुरू कर दिया जाएगा।
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ट्रामा सेंटर के लिए यह स्टाफ शासन से मांगा गया है। एनस्थीसिया-02, हड्डी रोग विशेषज्ञ-02, जनरल सर्जन-02, इमरजेंसी अधिकारी 03,स्टाफ नर्स15, ओटी टेक्नीशियन-03, एक्सरे टेक्नीशियन-03, लैब टेक्नीशियन-02, नरसिंग अटेंडेंट-09 कुल 50 कर्मचारी चाहिए। इस के सापेक्ष यहां नौ मल्टी टास्क वर्कर, एक टेक्नीशियन समेत 10 कर्मचारियों की नियुक्ति हो चुकी है।
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