{"_id":"5ef8e06d8ebc3e43405231c5","slug":"kannauj-news-kannauj-news-knp568155480","type":"story","status":"publish","title_hn":"बा स्कूलों की फाइलें गुम होने से गड़बड़ी की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बा स्कूलों की फाइलें गुम होने से गड़बड़ी की आशंका
विज्ञापन
कन्नौज। सूबे के सबसे चर्चित अनामिका शुक्ला के प्रकरण में बेसिक सचिव ने सभी शिक्षकों का सत्यापन कराने का आदेश दिया था। डीएम के आदेश पर जिला स्तर पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गई जबकि विभाग स्तर पर भी तीन सदस्यीय टीम का गठन हुआ। अफसरों ने जब कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का सत्यापन किया तो इसमें कई फाइलें नहीं मिलीं। बाबुओं से पूछने पर वह कोई उत्तर नहीं दे सके। इससे जिले में भी गड़बड़ी से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, बीएसए इस पूरे मामले से अनभिज्ञ बने हुए हैं।
डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने शिक्षकों के सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। इसमें एडीएम को अध्यक्ष जबकि एएसपी व बीएसए को सदस्य नामित किया गया। इसी बीएसए ने शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए बीइओ पवन द्विवेदी, शिव सिंह व कस्तूरबा गांधी के जिला समन्वयक राहुल कुमार को जांच सौंपी। टीम ने बताया कि जब उन्होंने शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए बाबुओं से शिक्षकों की फाइलें देने को कहा तो उन्होंने सिर्फ कुछ ही फाइलें दी। बाकी फाइलों के बारे में पूछा तो गोलमाल जवाब दिया। सत्यापन में लगे अफसरों ने अफसरों ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की। वहीं, बीएसए केके ओझा ने बताया कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है। वह कुछ समय पहले ही जिले में आए हैं। बताया कि पहले भवन दूसरे भवन में था। अब नए भवन में स्थानांतरित हो चुका है। इसलिए पुराने भवन में फाइलें हो सकती है। बाबुओं को फाइलों को खंगालने के लिए लगाया गया है। अगर फाइलें नहीं मिलती है तो संबंधित पटल के बाबू पर कार्रवाई की जाएगी।
बॉ स्कूलों की कई फाइलें न मिलने का मामला उजागार होने पर बाबुओं में खलबली मची है। कई बाबू अभी से बचाव का तरीका सोचने लगे हैं। इससे अफसरों की कार्रवाई से बचा जा सके। चर्चा है बाबुओं ने दफ्तर स्थानांतरण का बहाना बनाकर फाइलें गायब की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने शिक्षकों के सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। इसमें एडीएम को अध्यक्ष जबकि एएसपी व बीएसए को सदस्य नामित किया गया। इसी बीएसए ने शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए बीइओ पवन द्विवेदी, शिव सिंह व कस्तूरबा गांधी के जिला समन्वयक राहुल कुमार को जांच सौंपी। टीम ने बताया कि जब उन्होंने शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए बाबुओं से शिक्षकों की फाइलें देने को कहा तो उन्होंने सिर्फ कुछ ही फाइलें दी। बाकी फाइलों के बारे में पूछा तो गोलमाल जवाब दिया। सत्यापन में लगे अफसरों ने अफसरों ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की। वहीं, बीएसए केके ओझा ने बताया कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है। वह कुछ समय पहले ही जिले में आए हैं। बताया कि पहले भवन दूसरे भवन में था। अब नए भवन में स्थानांतरित हो चुका है। इसलिए पुराने भवन में फाइलें हो सकती है। बाबुओं को फाइलों को खंगालने के लिए लगाया गया है। अगर फाइलें नहीं मिलती है तो संबंधित पटल के बाबू पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बॉ स्कूलों की कई फाइलें न मिलने का मामला उजागार होने पर बाबुओं में खलबली मची है। कई बाबू अभी से बचाव का तरीका सोचने लगे हैं। इससे अफसरों की कार्रवाई से बचा जा सके। चर्चा है बाबुओं ने दफ्तर स्थानांतरण का बहाना बनाकर फाइलें गायब की है।
विज्ञापन