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बंकर में छिपकर बचाई जान

Tue, 01 Mar 2022 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 11:30 PM IST
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यूक्रेन से बस में आती हुईं करिश्मा और कामना। (दायीं ओर सीट पर बैठी हुईं दोनों) - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। काफी पहले ही खबर मिल गई थी कि रूस ने यूक्रेन बार्डर घेर लिया है। हमले की आशंका के चलते विश्वविद्यालय के डीन से ऑनलाइन पढ़ाई की मांग की। लेकिन सुना नहीं गया। जब हमला हुआ तो सभी भयभीत हो गए। ड्रोन दिखते ही बंकर में छिप जाते थे। यह कहना है यूक्रेन से लौटीं मेडिकल स्टूडेंट करिश्मा का।
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मंगलवार को बातचीत में करिश्मा ने बताया कि डॉक्टरी की पढ़ाई करने वालों को लेकर यूक्रेन में सख्त नियम हैं, अगर कोई 15 दिन नहीं आता है तो नाम काट दिया जाता है। करिश्मा ने बताया कि जब विदेश में थीं, तब ही एक साथी की मौत हो गई थी। समय बीता तो सेफ जोन में भी सायरन सुनाई देने लगे। इसके बाद बहन कामना जो डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहीं है उसे लेकर घर के लिए निकल पड़ी।
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कामना का कहना है कि 24 व 25 फरवरी को अटैक की आशंका के चलते, वह कई साथियों के साथ बंकर में छिप गईं। लाइटें भी बंद कर दीं गईं। वहां हमले के लिए रूस की ओर से ड्रोन भी भेजे गए थे। इस बात की पुष्टि अगले दिन मेयर ने की थी। कामना ने बताया कि तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस में था। इतना ही नहीं वहां के लोग भारतीय की कोई मदद नहीं कर रहे थे। रोमानिया और पोलैंड देश की ओर से भारतीयों की मदद करने की खबर पता लगी। किसी तरह रोमानिया बार्डर पर आए तो बार्डर बंद रहा। यहां हजारों की भीड़ थी।
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एक अफ्रीकन बच्चे की ठंड से मौत भी हो गई। कैपिटल सिटी में किसी तरह खाना-पानी मिला। एअर इंडिया की फ्लाइट से 27 से निकलीं और 28 फरवरी को सुबह दिल्ली पहुंचीं। उसके बाद यूपी सरकार की ओर से प्रदेश में प्रवेश किया और घर पहुंच सकीं।
बैग लेकर 15 किमी पैदल सफर
डॉक्टरी कर रही करिश्मा ने बताया कि यूक्रेन से चलने के बाद रोमानिया बार्डर पर करीब 15 किमी पहले ही बस ने उतार दिया था। भारी जाम था, इस वजह से यह दूरी पैदल ही चलकर तय की।

पानी न खाना, पग-पग पर खतरा
छात्रा कामना का कहना है कि कुल चार दिन स्ट्रगल किया। कुछ पता नहीं था कि हमला कब हो जाए या जान कब चली जाए। कई इलाकों में कर्फ्यू लगा है।
छात्रा हिमांशी और चांदनी को भी मिली फ्लाइट
करिश्मा ने बताया कि अपने जिले की रहने वाली छात्रा हिमांशी यूक्रेन से निकल चुकी है। वहीं चांदनी भारती को भी फ्लाइट मिल गई है। दोनों जल्द घर पहुंच जाएगी।
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