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पोलैंड बॉर्डर पहुंची यूक्रेन की छात्रा
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- फोटो : CHIBRAMAU
सौरिख। पिछले एक सप्ताह से रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में फंसी इत्र नगरी की तनिष्का मंगलवार शाम को हाथ में तिरंगा लेकर लवीव होते हुए पोलैंड बॉर्डर पहुंच गईं। यहां से उन्हें प्लेन से भारत भेजा जाएगा।
मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी फार्मासिस्ट घनश्याम सिंह की बेटी तनिष्का श्याम यूक्रेन की राजधानी कीव में एमबीबीएस की पढ़ाई 13 फरवरी को करने गईं थीं। कुछ दिन बाद ही रूस व यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के दौरान छात्रा फंस गई थी। एक सप्ताह बाद सोमवार को कीव से हाथों में देश के झंडे को लेकर ट्रेन से नौ सौ किलोमीटर दूर लवीव पहुंचीं। जहां से लगभग नौ सौ किलोमीटर की दूर स्थित पोलैंड बॉर्डर के लिए बस से रवाना कर दिया है, जो मंगलवार देर शाम तक पहुंच गईं। परिजनों के अनुसार लवीव से पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचने के लिए छात्रा से 7500 रुपये किराया वसूला गया है।
आसिफ को रोमानिया बॉर्डर ठहराया गया
नेहरू नगर निवासी आसिफ खान यूक्रेन के ओडिशा नेशनल यूनिवर्सिटी एमबीबीएस की पढ़ाई पिछले पांच सालों से कर रहा हैं। रूसव यूक्रेन के युद्ध के पांचवें दिन रोमानिया बॉर्डर पहुंचे, लेकिन अभी भी आसिफ को वही ठहराया गया है। परिजनों ने बताया देश आने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है लेकिन जहां रुका है, वहां सुरक्षित है।
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मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी फार्मासिस्ट घनश्याम सिंह की बेटी तनिष्का श्याम यूक्रेन की राजधानी कीव में एमबीबीएस की पढ़ाई 13 फरवरी को करने गईं थीं। कुछ दिन बाद ही रूस व यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के दौरान छात्रा फंस गई थी। एक सप्ताह बाद सोमवार को कीव से हाथों में देश के झंडे को लेकर ट्रेन से नौ सौ किलोमीटर दूर लवीव पहुंचीं। जहां से लगभग नौ सौ किलोमीटर की दूर स्थित पोलैंड बॉर्डर के लिए बस से रवाना कर दिया है, जो मंगलवार देर शाम तक पहुंच गईं। परिजनों के अनुसार लवीव से पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचने के लिए छात्रा से 7500 रुपये किराया वसूला गया है।
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आसिफ को रोमानिया बॉर्डर ठहराया गया
नेहरू नगर निवासी आसिफ खान यूक्रेन के ओडिशा नेशनल यूनिवर्सिटी एमबीबीएस की पढ़ाई पिछले पांच सालों से कर रहा हैं। रूसव यूक्रेन के युद्ध के पांचवें दिन रोमानिया बॉर्डर पहुंचे, लेकिन अभी भी आसिफ को वही ठहराया गया है। परिजनों ने बताया देश आने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है लेकिन जहां रुका है, वहां सुरक्षित है।
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