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बारिश गेहूं के लिए संजीवनी
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अलाव जलाकर ठंड से बचते लोग। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज/छिबरामऊ। बारिश से जिले में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बुधवार रात से रुक रुककर हो रही बारिश से आम आदमी घरों में दुबके रहे। बारिश से ठंड बढ़ी तो लोगों ने भी घरों में अलाव जलाकर ठंड को दूर करने का प्रयास किया। सुबह चंद मिनट के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए लेकिन कुछ ही देर में वे भी बादलों की ओट में छिप गए।
मौसम विभाग ने नौ जनवरी तक इसी तरह से वर्षा की संभावना जताई है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार से गुरुवार सुबह साढे़ आठ बजे तक साढे़ सात मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। इसके बाद शाम तक ढाई मिलीमीटर वर्षा हुई है। कुल दस मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
बारिश गेहूं के लिए संजीवनी
तालग्राम। कवि घाघ की कहावत भी है, अगहन दूनी पूस सवाई, माघ में बरसे घर से जाई। अगहन और पूस माह की बरसा फसलों को लाभ दायक है। बुधवार रात से हो रही बूंदाबांदी रबी की फसलों को फायदा पहुंचाएगी। गेहूं फसल के लिए यह संजीवनी साबित होगी। फूल वाली फसलों को बरसात से नुकसान होगा।
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कृषि तकनीकी सहायक प्रबंधक शिवपाल सिंह का कहना है कि बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी है। इस साल गेहूं की बुवाई अधिक हुई है। आगे भी इसी तरह अनुकूल स्थिति रही तो गेहूं उत्पादन में नया रिकार्ड बन सकता है। इस समय जहां कहीं भी बारिश हो रही है। वहां गेहूं की फसल को सिर्फ फायदा होगा। सब्जी की खेती और बागवानी की फसलों के लिए भी यह बारिश लाभप्रद है। सरसों, दलहनों में मटर, मसूर और चना की बुवाई भी खुब हुई है। दलहनी फसलें अधिकांश असिंचित ही होती हैं। ऐसे में इस बरसात का निश्चित ही किसानों को फायदा मिलेगा।
राजकीय बीज गोदाम प्रभारी कृषि प्राविधिक सहायक विनय कुमार शर्मा ने बताया कि यह बरसात से फूल वाली सरसों और आलू में नुकसान हो सकता है। अधिक बारिश होने से खेत से पानी निकाल दें। जलभराव न होने दें। आलू में झुलसा की आशंका बढ़ जाती है। जलभराव से तैयार आलू में सड़ने की आशंका रहती है।
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मौसम विभाग ने नौ जनवरी तक इसी तरह से वर्षा की संभावना जताई है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार से गुरुवार सुबह साढे़ आठ बजे तक साढे़ सात मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। इसके बाद शाम तक ढाई मिलीमीटर वर्षा हुई है। कुल दस मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
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बारिश गेहूं के लिए संजीवनी
तालग्राम। कवि घाघ की कहावत भी है, अगहन दूनी पूस सवाई, माघ में बरसे घर से जाई। अगहन और पूस माह की बरसा फसलों को लाभ दायक है। बुधवार रात से हो रही बूंदाबांदी रबी की फसलों को फायदा पहुंचाएगी। गेहूं फसल के लिए यह संजीवनी साबित होगी। फूल वाली फसलों को बरसात से नुकसान होगा।
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कृषि तकनीकी सहायक प्रबंधक शिवपाल सिंह का कहना है कि बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी है। इस साल गेहूं की बुवाई अधिक हुई है। आगे भी इसी तरह अनुकूल स्थिति रही तो गेहूं उत्पादन में नया रिकार्ड बन सकता है। इस समय जहां कहीं भी बारिश हो रही है। वहां गेहूं की फसल को सिर्फ फायदा होगा। सब्जी की खेती और बागवानी की फसलों के लिए भी यह बारिश लाभप्रद है। सरसों, दलहनों में मटर, मसूर और चना की बुवाई भी खुब हुई है। दलहनी फसलें अधिकांश असिंचित ही होती हैं। ऐसे में इस बरसात का निश्चित ही किसानों को फायदा मिलेगा।
राजकीय बीज गोदाम प्रभारी कृषि प्राविधिक सहायक विनय कुमार शर्मा ने बताया कि यह बरसात से फूल वाली सरसों और आलू में नुकसान हो सकता है। अधिक बारिश होने से खेत से पानी निकाल दें। जलभराव न होने दें। आलू में झुलसा की आशंका बढ़ जाती है। जलभराव से तैयार आलू में सड़ने की आशंका रहती है।