{"_id":"61b0f4cebfc99d725552f56a","slug":"kannauj-agricultural-kannauj-news-kannauj-news-knp6684911109","type":"story","status":"publish","title_hn":"भटक रहे किसान, यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भटक रहे किसान, यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी
विज्ञापन
छिबरामऊ। एक तरफ किसान खाद के लिए भटक रहे हैं तो दूसरी तरफ कालाबाजारी हो रही है। क्षेत्र के भानपुर गांव में यूरिया खाद की कालाबाजारी की शिकायत सामने आई है। 266.50 रुपये में मिलने वाली यूरिया यहां किसानों को 370 रुपये में बेची गई। हैरान करने वाली बात यह है कि यूरिया खाद की कालाबाजारी की भनक स्थानीय प्रशासन व कृषि विभाग को नहीं लगी।
नगर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित भानपुर गांव में बुधवार की सुबह यूरिया खाद की बिक्री हुई। यूरिया मिलने की जानकारी पाकर आसपास गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। 266 रुपये 50 पैसे में मिलने वाली यूरिया की बोरी के लिए किसानों को 370 रुपये देने पड़े। मजबूरी में जरूरतमंद किसानों को कृभको यूरिया की बोरी लेने के लिए यह रकम चुकानी पड़ी।
बता दें कि इस गांव में यूरिया खाद की कोई दुकान नहीं है। खाद की कालाबाजारी करने के लिए इसे गांव के एक घर में रखवाया गया था। हैरान करने वाली बात यह रही कि प्रशासन या कृषि विभाग के अधिकारियों को इस कालाबाजारी की कोई सूचना नहीं मिली। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि एडीओ को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो कुछ निकलेगा, उसी आधार पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित भानपुर गांव में बुधवार की सुबह यूरिया खाद की बिक्री हुई। यूरिया मिलने की जानकारी पाकर आसपास गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। 266 रुपये 50 पैसे में मिलने वाली यूरिया की बोरी के लिए किसानों को 370 रुपये देने पड़े। मजबूरी में जरूरतमंद किसानों को कृभको यूरिया की बोरी लेने के लिए यह रकम चुकानी पड़ी।
विज्ञापन
बता दें कि इस गांव में यूरिया खाद की कोई दुकान नहीं है। खाद की कालाबाजारी करने के लिए इसे गांव के एक घर में रखवाया गया था। हैरान करने वाली बात यह रही कि प्रशासन या कृषि विभाग के अधिकारियों को इस कालाबाजारी की कोई सूचना नहीं मिली। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि एडीओ को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो कुछ निकलेगा, उसी आधार पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन