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कच्चे आलू की कम पैदावार से आसमान छू रहे दाम

Thu, 14 Nov 2019 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 12:07 AM IST
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kachche aaloo kee kam paidaavaar se aasamaan chhoo rahe daam
शीतगृह में बिक्री के लिए निकाला गया आलू। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। दिवाली से मार्केट में बिकने वाला कन्नौजी आलू इस बार नहीं आ सका। करीब एक माह देरी से खुले मार्केट में पहुंचे कच्ची फसल के आलू के दाम आसमान छू रहे हैं। इसकी वजह कम पैदावार बताई जा रही है। सितंबर माह में आलू की बुआई के समय बरसात से फसल बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई। अगैती फसल करने वाले कुछ किसान ही आलू बचा सके थे। किसानों के मुताबिक एक बीघा में मुश्किल से 10 से 12 पैकेट आलू निकल रहा है। नया आलू 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है।
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कन्नौज जिले में तिर्वा, हसेरन, जलालाबाद, तालग्राम, छिबरामऊ के प्रेमपुर, मानीमऊ सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान आलू की अगैती फसल कर मोटा मुनाफा कमाते हैं। इस बार भी किसानों ने कच्ची फसल बोई थी। 15 सितंबर के आसपास तीन से चार दिनों तक लगातार गिरे पानी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। किसानों की फसल खेत में पानी भर जाने से बर्बाद हो गई। कुछ किसान ही फसल बचा पाए। इन किसानों का आलू बाजार में आया है। बारिश के कारण पैदावार कम हो गई है। जिन किसानों ने दोबारा बुआई की, उनकी फसल आने में करीब एक माह का समय लगेगा। नया आलू 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है।
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कच्चे आलू की बिक्री के लिए शुरू नहीं र्हुइं मंडियां
आलू की कच्ची फसल खरीदने कानपुर, बाराबंकी, बंगलूरू सहित अन्य जगहों से व्यापारी आते हैं। कच्ची आलू की मंडी जलालाबाद, जसोदा, मानीमऊ, प्रेमपुर, तिर्वा सहित अन्य जगहों पर लगती है। इस बार अभी तक यह मंडी शुरू नहीं हो सकी हैं। बढ़ी मांग से आलू मंडी में पहुंचते ही खत्म हो जाता है। जानकारों का कहना है कि दिसंबर की शुरुआत में बड़े पैमाने पर आलू आने लगेगा।
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शीतगृहों में अभी भी आठ प्रतिशत आलू
जिले में 127 शीतगृह संचालित हैं। शीतगृहों में करीब आठ प्रतिशत पुराना आलू भंडारित है। जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी का कहना है कि शीतगृहों में आलू काफी कम मात्रा में है। कई शीतगृह काफी हद तक खाली भी हो चुके हैं। अधिकतर शीतगृहों में बीज के लिए आलू भंडारित है। उन्होंने कहा कि सभी को नोटिस भेजे जा चुके हैं। नवंबर के आखिर में शीतगृह खाली हो जाएंगे।
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