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जेसीबी के आगे लेटे किसान, रुकवाया हाईवे चौड़ीकरण
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जेसीबी मशीन के आगे लेटकर विरोध-प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। कम मुआवजा मिलने से किसानों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम रुकवा दिया। शुक्रवार को टीम काम शुरू करवाने पहुंची तो किसान जेसीबी के आगे लेट गए। किसानों ने कहा कि जब तक चार गुना मुआवजा नहीं मिलेगा, निर्माण शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
शुक्रवार सुबह नेशनल हाईवे के अधिकारी पुलिस बल व मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। खुदाई का काम शुरू करवा दिया। काम शुरू होते ही किसान भड़क गए। यह मशीनों के आगे लेट गए। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, कोतवाल विनोद मिश्रा, एनएच अधिकारी रामकुमार, सर्वेयर इंजीनियर अरुणेश तिवारी, एडिशनल इंजीनियर आकाश विक्रम सिंह ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। किसान उचित मुआवजा मिलने तक निर्माण कार्य शुरू न होने देने की जिद पर अड़े रहे। इससे अधिकारी पूरे दिन पुलिस टीम के साथ मौके पर डेरा जमाए रहे। शाम तक काम शुरू नहीं हो सका। किसान विमलेश कुमार शुक्ला ने बताया कि चार गुना मुआवजा मिलने के बाद ही वह काम शुरू होने देंगे। राजीव शुक्ला ने बताया कि अगर मांग न मानी गई तो सभी किसान धरना-प्रदर्शन को भूख हड़ताल में बदल देंगे। प्रदर्शन के दौरान संजीव शुक्ला, विनय शुक्ला, इंद्र नारायन पांडेय, राजेंद्र दुबे, लालाराम पाल, सुंदर पाल, मान सिंह, राजपाल, वेदराम, राजेश, रविकांत शुक्ला, पप्पू पांडेय, विशंभर नाथ शुक्ला, अखिलेश मिश्रा, चंद्रकांत मिश्रा, राधेश्याम, रामानंद, राधाकृष्ण, अनुराग शुक्ला व डॉ. अमन दुबे सहित कई किसान मौजूद रहे।
नहीं मारा जाएगा किसानों का हक: एसडीएम
देवेश कुमार गुप्ता ने बताया कि साल 2016 में अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उसी के अनुसार जमीन की मालियत लगाई गई है। नगर पंचायत व लेखपाल की रिपोर्ट, सर्किल रेट के आधार पर रिपोर्ट भू अध्यापित कार्यालय एवं एनएच को भेजी जाएगी। किसी भी किसान का हक नहीं मारा जाएगा। किसी किसान को कम मुआवजा मिला है तो जांच के बाद शेष धनराशि का भुगतान मिलेगा।
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शुक्रवार सुबह नेशनल हाईवे के अधिकारी पुलिस बल व मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। खुदाई का काम शुरू करवा दिया। काम शुरू होते ही किसान भड़क गए। यह मशीनों के आगे लेट गए। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, कोतवाल विनोद मिश्रा, एनएच अधिकारी रामकुमार, सर्वेयर इंजीनियर अरुणेश तिवारी, एडिशनल इंजीनियर आकाश विक्रम सिंह ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। किसान उचित मुआवजा मिलने तक निर्माण कार्य शुरू न होने देने की जिद पर अड़े रहे। इससे अधिकारी पूरे दिन पुलिस टीम के साथ मौके पर डेरा जमाए रहे। शाम तक काम शुरू नहीं हो सका। किसान विमलेश कुमार शुक्ला ने बताया कि चार गुना मुआवजा मिलने के बाद ही वह काम शुरू होने देंगे। राजीव शुक्ला ने बताया कि अगर मांग न मानी गई तो सभी किसान धरना-प्रदर्शन को भूख हड़ताल में बदल देंगे। प्रदर्शन के दौरान संजीव शुक्ला, विनय शुक्ला, इंद्र नारायन पांडेय, राजेंद्र दुबे, लालाराम पाल, सुंदर पाल, मान सिंह, राजपाल, वेदराम, राजेश, रविकांत शुक्ला, पप्पू पांडेय, विशंभर नाथ शुक्ला, अखिलेश मिश्रा, चंद्रकांत मिश्रा, राधेश्याम, रामानंद, राधाकृष्ण, अनुराग शुक्ला व डॉ. अमन दुबे सहित कई किसान मौजूद रहे।
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नहीं मारा जाएगा किसानों का हक: एसडीएम
देवेश कुमार गुप्ता ने बताया कि साल 2016 में अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उसी के अनुसार जमीन की मालियत लगाई गई है। नगर पंचायत व लेखपाल की रिपोर्ट, सर्किल रेट के आधार पर रिपोर्ट भू अध्यापित कार्यालय एवं एनएच को भेजी जाएगी। किसी भी किसान का हक नहीं मारा जाएगा। किसी किसान को कम मुआवजा मिला है तो जांच के बाद शेष धनराशि का भुगतान मिलेगा।
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