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जसोदा पंप कैनाल में बनेगा विद्युत उपकेंद्र
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 29 Jan 2016 12:17 AM IST
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जसोदा क्षेत्र के किसानों और विद्युत उपभोक्ताओं के
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जल्द बेहतर दिन आने वाले हैं। पंप कैनाल पर विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया
जाएगा। पूर्व में स्वीकृत बजट में वृद्धि कर पांच एमबीए का ट्रांसफार्मर
लगाया जाएगा। इससे पंप को बेहतर बिजली मिल सकेगी। वहीं कई गांव के
उपभोक्ताओं को भी उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा।
एक्सईएन पी राम ने बताया कि जसोदा पंप कैनाल लंबे समय से बिजली समस्या को लेकर ठप पड़ा है। इससे किसानों को फसलें सींचने को पानी नहीं मिल पा रहा है। समस्या को देखते हुए जसोदा पंप कैनाल पर एक विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
उपकेंद्र को भवन का निर्माण भी शुरू कर दिया गया था, पर बाद में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। पंप कैनाल को बिजली तो मकरंदनगर विद्युत उपकेंद्र से दी जा रही थी, पर पूरे वोल्टेज न मिलने से पंप का सही तरीके से संचालन नहीं हो पा रहा था। इसी को देखते हुए उन्होंने शासन को पत्र भेजकर दोबारा उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा।
शासन ने पांच एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मंजूरी दी है। वहीं पूर्व से पड़ा बजट में अब और वृद्धि की जाएगी, जैसे ही बजट मिलता है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पंप कैनाल को बेहतर बिजली मिलने से आसपास के किसानों को अपनी फसलें सींचने को पर्याप्त पानी मिलेगा।
बची हुई बिजली से कई गांव के उपभोक्ताओं को पंप कैनाल विद्युत उपकेंद्र से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपकेंद्र लगाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। शासन से जैसे ही स्वीकृति मिलती है, अधूरे पड़े कार्य को पूरा करा दिया जाएगा। जल्द ही ट्रांसफार्मर से लेकर अन्य उपकरण भी स्थापित कर दिए जाएंगे।
एक्सईएन पी राम ने बताया कि जसोदा पंप कैनाल लंबे समय से बिजली समस्या को लेकर ठप पड़ा है। इससे किसानों को फसलें सींचने को पानी नहीं मिल पा रहा है। समस्या को देखते हुए जसोदा पंप कैनाल पर एक विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
उपकेंद्र को भवन का निर्माण भी शुरू कर दिया गया था, पर बाद में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। पंप कैनाल को बिजली तो मकरंदनगर विद्युत उपकेंद्र से दी जा रही थी, पर पूरे वोल्टेज न मिलने से पंप का सही तरीके से संचालन नहीं हो पा रहा था। इसी को देखते हुए उन्होंने शासन को पत्र भेजकर दोबारा उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा।
शासन ने पांच एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मंजूरी दी है। वहीं पूर्व से पड़ा बजट में अब और वृद्धि की जाएगी, जैसे ही बजट मिलता है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पंप कैनाल को बेहतर बिजली मिलने से आसपास के किसानों को अपनी फसलें सींचने को पर्याप्त पानी मिलेगा।
बची हुई बिजली से कई गांव के उपभोक्ताओं को पंप कैनाल विद्युत उपकेंद्र से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपकेंद्र लगाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। शासन से जैसे ही स्वीकृति मिलती है, अधूरे पड़े कार्य को पूरा करा दिया जाएगा। जल्द ही ट्रांसफार्मर से लेकर अन्य उपकरण भी स्थापित कर दिए जाएंगे।