{"_id":"2157da899cee9e359c35b204d5579b59","slug":"jagtpurwasi-cleaning-themselves-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगतपुरवासी खुद करते सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जगतपुरवासी खुद करते सफाई
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास खंड जलालाबाद की ग्राम सभा फरिकापुर के मजरा
विज्ञापन
जगतपुर के लोग गलियों एवं नालियों की सफाई खुद ही करने के लिए मजबूर हैं।
एक तरफ जहां ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है,
लेकिन जगतपुर के लोगों को इसका कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि यहां सफाईकर्मी
कभी आता ही नहीं है।
गुरुवार को ग्रामीण अफसरों को कोसते हुए खुद ही सफाई कार्य करने के लिए आगे आए। जगतपुर के आमोद कुमार का कहना है कि जब नियुक्तियां हुई थीं, तब एक दो बार सफाई कर्मचारी आया था। इसके बाद वर्षों बीत गए पर सफाई कार्य करने कोई नहीं आया। राममिलन कटियार ने बताया कि विगत 30 जून को जिलाधिकारी को भी एक प्रार्थनापत्र दिया था।
उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अवधेश पटेल ने बताया कि तहसील दिवस में भी प्रार्थनापत्र देकर संबंधित अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग की गई, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमकुमार, रामबाबू पटेल का कहना है कि सफाई कर्मचारी का न आना जिला पंचायत राज विभाग के अफसरों की लापरवाही का नमूना है।
पूरे गांव की गलियों में कूड़ा कचरा फैला है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर बीमारी को दावत दे रहे हैं। गुरुवार को दर्जनों ग्रामीणों ने खुद ही फावड़ा उठाया और नालियों में जमा सिल्ट व कूड़े को निकालकर बाहर किया। शिवम कटियार ने बताया कि एक बार फिर डीएम से जांच कराकर गांव में सफाई कर्मचारी को भिजवाने की मांग की गई है।
गुरुवार को ग्रामीण अफसरों को कोसते हुए खुद ही सफाई कार्य करने के लिए आगे आए। जगतपुर के आमोद कुमार का कहना है कि जब नियुक्तियां हुई थीं, तब एक दो बार सफाई कर्मचारी आया था। इसके बाद वर्षों बीत गए पर सफाई कार्य करने कोई नहीं आया। राममिलन कटियार ने बताया कि विगत 30 जून को जिलाधिकारी को भी एक प्रार्थनापत्र दिया था।
उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अवधेश पटेल ने बताया कि तहसील दिवस में भी प्रार्थनापत्र देकर संबंधित अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग की गई, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमकुमार, रामबाबू पटेल का कहना है कि सफाई कर्मचारी का न आना जिला पंचायत राज विभाग के अफसरों की लापरवाही का नमूना है।
पूरे गांव की गलियों में कूड़ा कचरा फैला है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर बीमारी को दावत दे रहे हैं। गुरुवार को दर्जनों ग्रामीणों ने खुद ही फावड़ा उठाया और नालियों में जमा सिल्ट व कूड़े को निकालकर बाहर किया। शिवम कटियार ने बताया कि एक बार फिर डीएम से जांच कराकर गांव में सफाई कर्मचारी को भिजवाने की मांग की गई है।