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अवैध मतपत्रों का कारण बताना होगा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:31 AM IST
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मतगणना के दौरान अगर कोई भी मतपत्र अवैध घोषित किया
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जाता है तो उसका स्पष्ट कारण दर्शाना होगा। आठ बिंदुओं पर मतपत्र अस्वीकृत
किए जाएंगे। मतगणना के दौरान टेबल पर मतपत्र निकालने के बाद खाली हुई
मतपेटी भी प्रत्याशियों व एजेंटों को दिखाई जाएगी।
यह बात प्रशिक्षण के दौरान पूर्व प्रधानाचार्य एनसी टंडन ने कही। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में मतगणना पर्यवेक्षकों व मतगणना कार्मिकों को प्रशिक्षण देते हुए पूर्व प्रधानाचार्य ने कहा कि 50-50 के बंडल बनाकर मतपत्रों की गिनती की जाएगी। डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि मतगणना में पूरी पारदर्शिता, सावधानी बरती जाएगी।
किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर पर्यवेक्षक अपने एआरओ व आरओ से समाधान कराएंगे। अवैध मिले मत को निर्धारित प्रोफार्मा में लिखना होगा। उसका निस्तारण विवरण भी भरना होगा। डीएम ने कहा कि मतगणना शुरू होने से पहले मतपेटी जरूर दिखाई जाए। समाप्त होने के बाद मतगणना एजेंट से परिणाम के बाबत हस्ताक्षर भी करा लिए जाएं।
एक टेबल पर तीन मतगणना सहायक, एक पर्यवेक्षक व एक अतिरिक्त गणना सहायक तैनात होगा। मतगणना दो शिफ्टों में चलेगी। प्रतीक देखकर ही मतपत्रों की बंडलिंग बनाई जाएगी। अस्वीकृत मतों को गंभीरता से देखकर ही उसका परिणाम घोषित किया जाए।
प्रशिक्षण के दौरान एडीएम रमेश चंद्र यादव, सीडीओ उदयराज यादव समेत कई अधिकारी रहे। वहीं दूसरी ओर मतगणना स्थलों का डीएम, एसपी आदि अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।
यह बात प्रशिक्षण के दौरान पूर्व प्रधानाचार्य एनसी टंडन ने कही। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में मतगणना पर्यवेक्षकों व मतगणना कार्मिकों को प्रशिक्षण देते हुए पूर्व प्रधानाचार्य ने कहा कि 50-50 के बंडल बनाकर मतपत्रों की गिनती की जाएगी। डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि मतगणना में पूरी पारदर्शिता, सावधानी बरती जाएगी।
किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर पर्यवेक्षक अपने एआरओ व आरओ से समाधान कराएंगे। अवैध मिले मत को निर्धारित प्रोफार्मा में लिखना होगा। उसका निस्तारण विवरण भी भरना होगा। डीएम ने कहा कि मतगणना शुरू होने से पहले मतपेटी जरूर दिखाई जाए। समाप्त होने के बाद मतगणना एजेंट से परिणाम के बाबत हस्ताक्षर भी करा लिए जाएं।
एक टेबल पर तीन मतगणना सहायक, एक पर्यवेक्षक व एक अतिरिक्त गणना सहायक तैनात होगा। मतगणना दो शिफ्टों में चलेगी। प्रतीक देखकर ही मतपत्रों की बंडलिंग बनाई जाएगी। अस्वीकृत मतों को गंभीरता से देखकर ही उसका परिणाम घोषित किया जाए।
प्रशिक्षण के दौरान एडीएम रमेश चंद्र यादव, सीडीओ उदयराज यादव समेत कई अधिकारी रहे। वहीं दूसरी ओर मतगणना स्थलों का डीएम, एसपी आदि अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।