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इन्फ्लूएंजा: बच्चों का खांसी सिरप नहीं
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कन्नौज। एक ओर इन्फ्लूएंजा का खौफ है तो दूसरी ओर जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा है। इन दिनों बुखार, जुकाम और खांसी के मरीज बढ़ गए हैं, तो ऐसे में खांसी की सिरप भी दो महीने से नहीं मिल रहा है। मरीजों को दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रहीं हैं।
शासन का दावा है कि सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। होली के बाद से मौसम में अचानक तब्दीली होने से दोपहर में गर्मी तेवर दिखाने लगी है। ऐसे में मौसमी बीमारियां बढ़ गई हैं। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइनें लग रही है। बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग बीमारियों से ग्रसित हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट जितेंद्र कटियार से बताया बच्चों के सिरप की मांग हुई है। बड़ों का सिरप आना बंद है।
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बढ़ी भीड़ में खल रही डॉक्टरों कमी
जिला अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से शासन को पत्र में लिख चुका है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब जब मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, तो डॉक्टरों की कमी खल रही है। खासकर हड्डी रोग के एक ही डॉक्टरों होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। ओपीडी के अलावा डॉक्टर सूरज की अन्य डयूटी होने के कारण मरीजों को बिन बताए लौटना पड़ रहा है।
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ओपीडी पहुंचे 472 मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या एक सप्ताह से 400 से अधिक हो रही है। डॉक्टर भी बदलते मौसम को जिम्मेदारी ठहरा रहे हैं। गुरुवार को भी 472 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। डॉ. सैय्यद सलमान बताते हैं कि मौसम के बदलते मिजाज से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दवा के साथ खान-पान का ख्याल रहना भी बहुत जरूरी है।
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मरीज की संख्या
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दिनांक-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- मरीज
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10 मार्च-- -- -- -- -- -- -- -- -- 477
11 मार्च-- -- -- -- -- -- -- -- -- 399
13 मार्च-- -- -- -- -- -- -- -- -- 470
14 मार्च-- -- -- -- -- -- -- -- -- 675
15 मार्च-- -- -- -- -- -- -- -- -- 525
16 मार्च-- -- -- -- -- -- -- -- -- 472
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शासन का दावा है कि सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। होली के बाद से मौसम में अचानक तब्दीली होने से दोपहर में गर्मी तेवर दिखाने लगी है। ऐसे में मौसमी बीमारियां बढ़ गई हैं। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइनें लग रही है। बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग बीमारियों से ग्रसित हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट जितेंद्र कटियार से बताया बच्चों के सिरप की मांग हुई है। बड़ों का सिरप आना बंद है।
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बढ़ी भीड़ में खल रही डॉक्टरों कमी
जिला अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से शासन को पत्र में लिख चुका है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब जब मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, तो डॉक्टरों की कमी खल रही है। खासकर हड्डी रोग के एक ही डॉक्टरों होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। ओपीडी के अलावा डॉक्टर सूरज की अन्य डयूटी होने के कारण मरीजों को बिन बताए लौटना पड़ रहा है।
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ओपीडी पहुंचे 472 मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या एक सप्ताह से 400 से अधिक हो रही है। डॉक्टर भी बदलते मौसम को जिम्मेदारी ठहरा रहे हैं। गुरुवार को भी 472 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। डॉ. सैय्यद सलमान बताते हैं कि मौसम के बदलते मिजाज से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दवा के साथ खान-पान का ख्याल रहना भी बहुत जरूरी है।
मरीज की संख्या
दिनांक
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10 मार्च
11 मार्च
13 मार्च
14 मार्च
15 मार्च
16 मार्च