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वाद-विवाद में अरिमर्दन अव्वल
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:55 PM IST
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मानवाधिकार दिवस पर पुलिस कार्यालय में मानवाधिकार को
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लेकर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई, वहीं पुलिस कार्यालय समेत कलक्ट्रेट में
कर्मियों को मानवाधिकार की शपथ दिलाई गई। सुबह के समय पुलिस कार्यालय में
एसपी कलानिधि नैथानी ने कर्मियों को मानवाधिकार की शपथ दिलाई।
इसी तरह डीएम ने दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट में सभी कर्मियों को शपथ दिलाते हुए मानवाधिकार के तहत कार्य करने को कहा। दोपहर बाद डेढ़ बजे प़लिस कार्यालय में अपर जिला जज चतुर्थ रमाशंकर चतुर्वेदी की अगुवाई में वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई, जिसमें ठठिया थाने के एचसीपी योगेश कुमार ने कहा कि मानवाधिकार का पालन जनता से अधिक पुलिस को करना पड़ता है। यदि दोनों मिलकर इसका पालन करें तो समाज बेहतर होगा।
इंदरगढ़ थाने के दरोगा जितेंद्र कुमार ने कहा कि मानवाधिकार मां के गर्भ से ही शुरू हो जाता है। किसी भी व्यक्ति की फरियाद को वरीयता के आधार पर सुना जाए। कहा कि पुलिस मानवाधिकार का पालन करते हुए अपराधों पर अंकुश लगा रही है। यही नहीं विवाद करके आने वाले दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनकर कार्रवाई पुलिस करती है।
जनता को भी मानवाधिकार का पालन करते हुए पुलिस का सहयोग करना चाहिए। एलआईयू इंस्पेक्टर शिवभुवन सिंह ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकार का गठन किया गया। इसके बाद इसे देश में लागू किया गया। इसका मतलब समान अधिकार से है। पुलिस व जनता मानवाधिकार का पालन करते हुए कार्य करे।
यही नहीं समाज भी अपने कर्तव्यों का पालन करे तो शिक्षा, धन, व्यापार सभी में लाभ मिलेगा। पुलिस के लिए सिटीजन चार्टर लागू किया गया है। सौरिख थाने के एचसीपी विश्वनाथ सिंह ने कहा कि मानवाधिकार मनुष्य को नियम पूर्वक चलने की राह बताता है। जनता से अधिक इसका पालन पुलिस को करना पड़ता है।
सदर कोतवाली के दरोगा अरिमर्दन सिंह ने कहा कि मानवाधिकार की जिम्मेदारी हर मानव की है। जनता, अफसर और कर्मचारी यदि इसका सही तरीके से पालन करें तो किसी काम में बाधा नहीं पैदा होगी। कहा कि मानवाधिकार का पालन पुलिस बखूबी कर रही है। किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी करने के पहले नोटिस दी जा रही है।
इसके बाद गिरफ्तारी की जाती है। इसी तरह गिरफ्तार किए व्यक्ति के परिजनों को भी सूचना दी जाती है। बाद में प्रतियोगिता में प्रथम आए उप निरीक्षक अरिमर्दन सिंह को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर एएसपी सुभाष शाक्य, वरिष्ठ साहित्यकार डा. जीवन शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह, प्रतिसार निरीक्षक, एसपी के पेशकार दलजीत सिंह आदि मौजूद थे।
इसी तरह डीएम ने दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट में सभी कर्मियों को शपथ दिलाते हुए मानवाधिकार के तहत कार्य करने को कहा। दोपहर बाद डेढ़ बजे प़लिस कार्यालय में अपर जिला जज चतुर्थ रमाशंकर चतुर्वेदी की अगुवाई में वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई, जिसमें ठठिया थाने के एचसीपी योगेश कुमार ने कहा कि मानवाधिकार का पालन जनता से अधिक पुलिस को करना पड़ता है। यदि दोनों मिलकर इसका पालन करें तो समाज बेहतर होगा।
इंदरगढ़ थाने के दरोगा जितेंद्र कुमार ने कहा कि मानवाधिकार मां के गर्भ से ही शुरू हो जाता है। किसी भी व्यक्ति की फरियाद को वरीयता के आधार पर सुना जाए। कहा कि पुलिस मानवाधिकार का पालन करते हुए अपराधों पर अंकुश लगा रही है। यही नहीं विवाद करके आने वाले दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनकर कार्रवाई पुलिस करती है।
जनता को भी मानवाधिकार का पालन करते हुए पुलिस का सहयोग करना चाहिए। एलआईयू इंस्पेक्टर शिवभुवन सिंह ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकार का गठन किया गया। इसके बाद इसे देश में लागू किया गया। इसका मतलब समान अधिकार से है। पुलिस व जनता मानवाधिकार का पालन करते हुए कार्य करे।
यही नहीं समाज भी अपने कर्तव्यों का पालन करे तो शिक्षा, धन, व्यापार सभी में लाभ मिलेगा। पुलिस के लिए सिटीजन चार्टर लागू किया गया है। सौरिख थाने के एचसीपी विश्वनाथ सिंह ने कहा कि मानवाधिकार मनुष्य को नियम पूर्वक चलने की राह बताता है। जनता से अधिक इसका पालन पुलिस को करना पड़ता है।
सदर कोतवाली के दरोगा अरिमर्दन सिंह ने कहा कि मानवाधिकार की जिम्मेदारी हर मानव की है। जनता, अफसर और कर्मचारी यदि इसका सही तरीके से पालन करें तो किसी काम में बाधा नहीं पैदा होगी। कहा कि मानवाधिकार का पालन पुलिस बखूबी कर रही है। किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी करने के पहले नोटिस दी जा रही है।
इसके बाद गिरफ्तारी की जाती है। इसी तरह गिरफ्तार किए व्यक्ति के परिजनों को भी सूचना दी जाती है। बाद में प्रतियोगिता में प्रथम आए उप निरीक्षक अरिमर्दन सिंह को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर एएसपी सुभाष शाक्य, वरिष्ठ साहित्यकार डा. जीवन शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह, प्रतिसार निरीक्षक, एसपी के पेशकार दलजीत सिंह आदि मौजूद थे।